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आशाओं को मासिक मानदेय नहीं मिलना श्रम कानूनों का घोर अपमान:शशि यादव

आशा कार्यकर्ताओं की दो दिवसीय हड़ताल शुरू, पारितोषिक नहीं मानदेय देना होगा-बिहार राज्य आशा कार्यकर्ता संघ की मांग

 

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पटना:आशा संघर्ष संयुक्त मंच के आह्वान पर बिहार राज्य आशा कार्यकर्ता संघ सम्बद्ध एक्टू/गोप गुट के नेतृत्व में 25-26 मार्च 2021 दो दिवसीय हड़ताल का आयोजन हुआ।आशा कार्यकर्ता संघ की अध्यक्ष शशि यादव ने कहा कि आज से बिहार के सैकड़ों पीएचसी में हड़ताल शुरू हो गयी है।ग्रामीण स्वास्थ्य सेवा की रीढ़ आशाओं को मासिक मानदेय नही देना श्रम कानूनों का बड़ा उलंघन है।1000 रु में दम नहीं 21 हजार से कम नहीं।लंबित बकाया का भुगतान जल्द से जल्द करे सरकार।सभी पिएचसी में आशा भवन की व्यवस्था किया जाय।उन्होंने कहा कि आज कैमूर,रोहतास,पटना जहानाबाद, नालंदा, मुज़फ़्फ़रपुर, खगड़िया,मधुबनी,दरभंगा,सीतामढ़ी,पूर्वी चंपारण,पश्चिम चंपारण,समस्तीपुर सिवान, गोपालगंज, सुपौल, मुंगेर, नवादा, हाजीपुर,औरंगाबाद, पूर्णिया,कटिहार , भोजपुर, बक्सर , अरवल , शिवहर, मधेपुरा आदि जिलों में सैकड़ों पीएचसी में आशाओं ने हड़ताल आयोजित कर काम ठप्प रखा।कल के भारत बन्द में भी आशाएं पूरी ताकत से हड़ताल में उतरेंगी और भारत बन्द का समर्थन करेगी।विदित हो कि पिछले दिनों आशाओं ने विधानसभा के समक्ष दो दिनों का महाधरना आयोजित किया था।उनकी मांगों की गूंज विधानसभा में भी हुई थी और भाकपा माले सहित अन्य विधायकों ने उन्हें मासिक मानदेय देने की मांग की थी।

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