Nationalist Bharat
Other

हमलोग किसी को तोड़ते नहीं हैं,आप जो बोइएगा वही काटिएगा:आरसीपी सिंह

जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री आरसीपी सिंह की पार्टी के 8 प्रकोष्ठों के साथ बैठक एवं मीडिया से बातचीत,चिराग पासवान पर हमला करते हुए कहा कि आपको जब नेतृत्व मिलता है सबको सम्मान देना होता है, इज्जत देनी होती है, सबको साथ लेकर चलना होता है मनमानी से काम नहीं चलता। कोरोना से जिनकी मृत्यु हुई है उन्हें श्रद्धांजलि देने तथा जो अभी इससे जूझ रहे हैं उनके स्वस्थ होने की कामना करते हुए दो मिनट का मौन भी रखा गया

 

Advertisement

पटना:जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसीपी सिंह ने आज जदयू मुख्यालय स्थित कर्पूरी सभागार में पार्टी के कुल 8 प्रकोष्ठों के साथ बैठक की। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा के साथ ही प्रदेश महासचिव डॉ. नवीन कुमार आर्य,अनिल कुमार, चंदन कुमार सिंह, प्रशिक्षण प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष सुनील कुमार, जदयू मीडिया सेल के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमरदीप एवं मनीष बरियार मौजूद रहे। वहीं, आज की बैठक में जो प्रकोष्ठ शामिल हुए, वे हैं अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ, महिला अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ, बुनकर प्रकोष्ठ, कलमजीवी प्रकोष्ठ, सवर्ण प्रकोष्ठ, तकनीकी प्रकोष्ठ, सहकारिता प्रकोष्ठ और समाज सुधार सेनानी प्रकोष्ठ। बैठक के दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसीपी सिंह ने सभी प्रकोष्ठों से कहा कि उनकी गतिविधि बूथ तक दिखनी चाहिए। जब तक उनके प्रयासों का लाभ आमलोगों को न मिले तब तक उसका कोई अर्थ नहीं। कभी ये न भूलें कि समाज से जुड़कर ही उसे बदला जा सकता है। साथ ही अपने अतीत और इतिहास का ज्ञान हमें जरूर हो ताकि उससे प्रेरणा लेकर भविष्य के लिए ऊर्जा हासिल कर सकें। कोरोना को लेकर उन्होंने कहा कि इसके विरुद्ध जागरुकता अभियान के महायज्ञ में अपना योगदान जरूर दें। बैठक के उपरान्त मीडिया से बातचीत में लोजपा के टूटने से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि हमलोग किसी को तोड़ते नहीं हैं। आप जो बोइएगा वही काटिएगा। आपको जब नेतृत्व मिलता है, सबको सम्मान देना होता है, इज्जत देनी होती है, सबको साथ लेकर चलना होता है। मनमानी से काम नहीं चलता। स्व. रामविलास पासवान जी का अपना व्यक्तित्व था, उन्हें लोग नेता मानते थे। लेकिन उनके बाद मनमानी की जा रही थी। इसी रवैये के कारण लोकसभा चुनाव में बिहार में 40 में 39 सीटें जीतने वाले एनडीए को विधानसभा चुनाव में भारी क्षति हुई। उनके व्यवहार और निर्णयों से उनकी पार्टी के सभी सांसद दुखी थे और अंत में उन्होंने अपना रास्ता अलग कर लिया। आपकी नीयत में खोट था इसलिए चार महीने के अंदर ही आपका पर्दाफाश हो गया। आपके लोग समझ गए कि आप पार्टी को नेतृत्व नहीं दे सकते। केन्द्रीय मंत्रिमंडल में जदयू के शामिल होने के सवाल पर आरसीपी सिंह ने कहा कि अगर हमारी पार्टी को निमंत्रण मिलता है तो हम निश्चित रूप से हिस्सा लेंगे। वहीं पशुपति पारस के जदयू में आने के सवाल पर उन्होंने कहा कि वे एनडीए के ही हिस्सा थे और बिहार की एनडीए सरकार के सम्मानित मंत्री भी थे। वे हमारे यहां रहें, हमारे सहयोगी के यहां रहें या अलग रहें, ये उनका अपना निर्णय होगा। हम उनका स्वागत करेंगे।
आरजेडी के विधायकों के संपर्क में होने के सवाल पर आरसीपी सिंह ने कहा कि हम केवल एनडीए के साथियों से संपर्क में रहते हैं।आरजेडी के विधायकों के जदयू में आने के संबंध मे पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि अगर कोई कहीं दुखी है और इस कारण कोई निर्णय लेता है तो इसमें हम क्या कर सकते हैं। अगर ऐसी कोई बात आएगी तो देखा जाएगा। हमारा ध्यान केवल इस बात पर है कि हमारा जनाधार, हमारा संगठन कैसे मजबूत हो। हमारे नेता नीतीश कुमार ने जो काम किया है, उसका हमें और भी अच्छा परिणाम मिले, हमें ये देखना है। हर पार्टी की अपनी ताकत और कमजोरी होती है। जो पार्टी अपनी कमजोरी को आंककर ठीक कर लेती है, वही आगे बढ़ती है।
बैठक में अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष मो. जमाल (उत्तरी बिहार) एवं श्री एलेक्जेंडर खां (दक्षिणी बिहार), महिला अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती अंजुम आरा (दक्षिणी बिहार), बुनकर प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष लियाकत मंसूरी (उत्तरी बिहार) एवं राजेश पाल (दक्षिणी बिहार), कलमजीवी प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. प्रभात चन्द्रा, सवर्ण प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. नीतीश कुमार टनटन, तकनीकी प्रकोष्ठ के प्रदेश रामचरित्र प्रसाद, सहकारिता प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष श्री पप्पू सिंह निषाद एवं समाज सुधार सेनानी प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष जीतेन्द्र नीरज अपने-अपने प्रकोष्ठ के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ उपस्थित रहे। बैठक में महादलित प्रकोष्ठ (दक्षिण बिहार) के अध्यक्ष कौशल किशोर, विधायक भी मौजूद रहे।ध्यातव्य है कि बैठक के अंत में कोरोना से जिनकी मृत्यु हुई है उन्हें श्रद्धांजलि देने तथा जो अभी इससे जूझ रहे हैं उनके स्वस्थ होने की कामना करते हुए दो मिनट का मौन भी रखा गया।

Advertisement

Related posts

करंदलाजे करेंगी कासरगोड में 25 वें विश्व नारियल दिवस कार्यक्रम का उद्घाटन

Nationalist Bharat Bureau

पार्श्वगायक नहीं अभिनेता बनना चाहते थे मुकेश

मौलवी बाक़ीर पहले ऐसे निर्भीक पत्रकार थे जिन्होंने हथियारों के दम पर नहीं कलम के बल पर आज़ादी की लड़ाई लड़ी और खूब लड़ी

Nationalist Bharat Bureau

Leave a Comment