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नीतीश कुमार रातभर जागकर सेकुलरिज्म की रक्षा करते हैं !

पटना:वफादारी और निष्ठा का इज़हार करना यक़ीनन अच्छी बात है।चाहे वो राजनीतिक प्राणी हो,सामाजिक हो या फिर कोई और हर कोई अपने रहनुमा,मार्गदर्शन, नेता और गुरु के प्रति निष्ठावान और वफ़ादार होता है और होना भी चाहिए।लेकिन कभी कभी इसके इज़हार में शब्दों का चयन मज़ाक का पात्र बन जाता है।ऐसा ही कुछ बिहार की सत्ताधारी पार्टी जदयू के अल्पसंख्यक विभाग के दक्षिण बिहार प्रमुख एलेक्जेन्ड़र खान के द्वारा अपने लीडर,नेता और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लिखे गए पत्र में देखने को मिला जिसमें उन्होंने लिखा कि आप रातभर जागकर सेक्युलरिज़्म की रक्षा करते हैं।पेश है एलेक्जेन्ड़र खान द्वारा मुख्यमंत्री को लिखा गया खत:
आली जनाब वजीर आला(बिहार )
आदाब
सबसे पहले मैं आपको दिली मुबारकबाद देता हूं। सचमुच में आप कार्यकर्ताओं पर पैनी नजर रखते हैं ।और योग्य होने पर सम्मान देने में नहीं चूकते हैं ।मैं 1995 से ही आपका फैन हूं,और अभी भी मुझे वह काली रात याद है ,जिसके खौफ में पूरा इमामगंज विधानसभा डूबा हुआ था। फिरकापरस्तो का बोलबाला था ,तब आपने तमाम लोगों के दर्द को बांटा और शांति बनाने के लिए अहम कदम उठाया। फिरकापरस्तो के पैर उखड़ गए ,और आज भी शांति भाईचारा का माहौल कायम है।
सर, आपका गुण और सेकुलरिज्म के लिए त्याग, अपने वादे पर अडिग रहना ,जब भी किसी ने इंसानियत के खिलाफ कुछ करना चाहा तो आपने इसे रोका है। इसका कड़ा विरोध किया है। जब लोग सोते हैं ,तो आप इंसानियत के हिफाजत के लिए अपनी नींद कुर्बान कर देते हैं। और रातभर भर जागकर सेकुलरिज्म का रक्षा करते हैं ।बिहार के मुख्यमंत्री होकर भी हम लोग जैसे साधारण व्यक्ति से सेकुलरिज्म के हिफाज़त के लिए कहते हैं ।आपने फिरका परस्त लोगों को कभी मौका नहीं दिया ,जो इंसानियत का खून कर सके। सचमुच में बिहार के शान और गौरव तथा हर प्राणी से आपको प्यार है ।मैं आपके इस जज्बे को सलाम करता हूं ।
प्रदेश अध्यक्ष अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ दक्षिण बिहार

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