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देश दुनिया के लिए मिसाल बन चुके हैं बिहार के शिक्षक, कोई बेचता था पापड़ तो कोई था ऑटो रिक्शा वाला

सुपर 30 वाले आनंद कुमार:
आनंद कुमार ने शिक्षा में ऐसी लकीर खींच दी जिससे आज पूरी दुनिया उन्हें सलाम कर रहा। आनंद कुमार की जीवनी पर बनी फिल्म  सुपर 30 को दर्शकों ने खूब पसंद किया, प्रत्येक वर्ष 30 गरीब बच्चों को निशुल्क पढ़ाकर आईआईटियन बनाना कोई चमत्कार से कम नहीं, लेकिन प्रत्येक वर्ष की सफलता से आज आनंद कुमार को पूरी दुनिया सलाम करता है। पापड़ बेचने वाले से लेकर सुपर 30 के रियल हीरो बनने तक का सफर समाज के लिए प्रेरणा बन चुका है।
खान सर बने सोशल मीडिया के हीरो:
पटना के खान सर पूरे देश दुनिया में अपने पढ़ाने के अंदाज के लिए फेमस हैं। वहीं उन्हें देश में एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। दरअसल यूट्यूब इंडिया ने देश के टॉप टेन के क्रियेटर 2020 के लिस्ट में खान सर को भी जगह दी है। आपको बता दूं कि यूट्यूब इंडिया के तरफ से ट्वीट करके इसकी जानकारी दी गई खान सर को यूट्यूब क्रेएटर के रूप में इंडिया में आठवां स्थान मिला था जो कि एक बड़ी उपलब्धि है।
मैथेमैटिक्स गुरु आरके श्रीवास्तव:
ऑटो रिक्शा वाले से लेकर मैथमेटिक्स गुरु बनने तक का का सफर देश दुनिया के लिए प्रेरणा बन चुका है। कभी ऑटो रिक्शा के इनकम से परिवार का भरण पोषण होता था। लेकिन आज अपनी कड़ी मेहनत उची सोच और पक्का इरादा से देश के चर्चित शिक्षकों में शुमार हो चुका है ऑटो रिक्शा वाला,न सिर्फ भारत में बल्कि पूरी दुनिया के इंजीनियरिंग और अन्य प्रतियोगी परीक्षा देने वाले स्टुडेंट्स के बीच एक चर्चित नाम है 1 रूपया में पढ़ाने वाला शिक्षक। एक रुपया में पढ़ाते हैं आरके श्रीवास्तव, 540 गरीब स्टूडेंट्स को बना चुके हैं इंजीनियर बिहार के रोहतास जिले के रहने वाले आरके श्रीवास्तव देश में मैथेमैटिक्स गुरु के नाम से मशहूर हैं।
खेल-खेल में जादुई तरीके से गणित पढ़ाने का उनका तरीका लाजवाब है। कबाड़ की जुगाड़ से प्रैक्टिकल कर गणित सिखाते हैं। आर्थिक रूप से सैकड़ों गरीब स्टूडेंट्स को आईआईटी, एनआईटी, बीसीईसीई सहित देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में पहुँचाकर उनके सपने को पंख लगा चुके हैं।
इनके द्वारा चलाया जा रहा नाइट क्लासेज अभियान अद्भुत, अकल्पनीय है। स्टूडेंट्स को सेल्फ स्टडी के प्रति जागरूक करने लिये 450 क्लास से अधिक बार पूरी रात लगातार 12 घंटे गणित पढ़ा चुके हैं। अन्य राज्यो के शैक्षणिक संस्थाएँ भी इन्हें गेस्ट फैकल्टी के रूप में अपने यहा शिक्षा देने के लिये बुलाते है। इनकी शैक्षणिक कार्यशैली की खबरें देश के प्रतिष्ठित अखबारों में छप चुकी हैं, वर्ल्ड रिकॉर्डस में भी नाम दर्ज है, विश्व प्रसिद्ध गूगल ब्वाय कौटिल्य के गुरु के रूप में भी देश इन्हें जानता है।
Google पर “योग गुरु” लिखने पर टॉप पर बाबा रामदेव का नाम तो वही GoogLe पर “मैथेमैटिक्स गुरु ” लिखने पर आरके श्रीवास्तव का नाम टॉप पर
Google Top Trend में आरके श्रीवास्तव, खूब सर्च किये जा रहे Mathematics Guru बिहार के आरके श्रीवास्तव Google पर टॉप ट्रेंड में आ गए हैं। गूगल पर MATHEMATICS GURU लिखने पर टॉप पर बिहार के आरके श्रीवास्तव का नाम आ रहा है। Best teacher of bihar लिखने पर टॉप पर बिहार के आरके श्रीवास्तव का नाम आ रहा है।बिहार के आरके श्रीवास्तव Google पर टॉप ट्रेंड में आ गए हैं। गूगल पर MATHEMATICS GURU लिखने पर टॉप पर बिहार के आरके श्रीवास्तव का नाम आ रहा है।
11 रुपये गुरु दक्षिणा लेते है गुरु रहमान
पटना के नया टोला  में साल 1994 से चल रहे अदम्य अदिति गुरुकुल (Patna ke Naya Tola adamya aditi gurukul,) के नाम से मशहूर कोचिंग संस्थान के संचालक रहमान हैं जिन्हें प्यार से छात्र गुरु रहमान के नाम से पुकारते हैं, गुरुकुल की सबसे बड़ी खासियत ये है कि यहां अन्य कोचिंग संस्थानों की तरह फीस के नाम पर भारी-भरकम रकम की वसूली नहीं की जाती, बल्कि छात्र-छात्राओं से गुरु दक्षिणा के नाम पर महज 11 रुपये लिए जाते हैं। 11 से बढ़कर 21 या फिर 51 रुपये फीस देकर ही गुरुकुल से अब तक ना जाने कितने छात्र-छात्राओं ने भारतीय प्रशासनिक सेवा से लेकर डॉक्टर और इंजीनियरिंग तक की परीक्षाओं में सफलता हासिल की है1994 में जब बिहार में चार हजार दरोगी की बहाली के लिए प्रतियोगिता परीक्षा आयोजित की गई थी तो उस परीक्षा में गुरुकुल से पढ़ाई करने वाले 1100 छात्रों ने सफलता हासिल की थी।
आरके श्रीवास्तव:
1 रुपया गुरु दक्षिणा वाले मैथेमैटिक्स गुरु” आरके श्रीवास्तव का नाम वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्डस लंदन, इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्डस, गोल्डेन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स मे भी दर्ज हो चुका है ।  राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद भी आरके श्रीवास्तव के शैक्षणिक कार्यशैली की भी प्रशंसा कर चुके है । अभी तक 540 गरीब स्टूडेंट्स को बना चुके हैं इंजीनियर।
आटो रिक्शा चलाकर कभी परिवार का होता था भरण- पोषण

आईआईटी, एनआईटी सहित अन्य इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा के एंट्रेंस टेस्ट की तैयारी करवाने वाले आरके श्रीवास्तव  ने सैकङो आर्थिक रूप से गरीब स्टूडेंट्स के सपने को पंख लगाया।आरके श्रीवास्तव  पिछले कई सालों से गरीब बच्चों को 1 रुपया गुरु दक्षिणा में शिक्षा देकर उन्हें आईआईटी, एनआईटी,बीसीईसीई  सहित देश के अन्य प्रतिस्ठित प्रवेश परीक्षाओ में सफलता दिलाते रहे हैं।आरके श्रीवास्तव  को उनके शैक्षणिक कार्यशैली के लिये वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्डस के अलावा दर्जनो अन्य पुरस्कारों से भी सम्मानित किया जा चुका है।हालांकि उनकी इस सफलता के पीछे संघर्ष भी लंबा है,यह साधारण आदमी कई गरीब बच्चों का जीवन सवार चुके है  और आगे यह काम जारी भी है । आरके श्रीवास्तव का जन्म बिहार राज्य के रोहतास जिले के बिक्रमगंज में हुआ था, स्कूल के दिनों से ही उन्हें मैथ से काफी लगाव रहा है। पिताजी के बचपन मे  साथ छोड इस दुनिया से चले जाने के बाद आर्थिक तंगी की वजह से सरकारी शैक्षणिक संस्थाओ से पढ़ाई करना पड़ा। पैसों की तंगी के चलते आरके श्रीवास्तव के  बड़े भाई ( जो अब इस दुनिया मे नही है) ने दिनभर के आटो रिक्शा से प्राप्त भाड़े   से परिवार का भरण पोषण करना प्रारंभ किया।
क्या है 1 रुपया गुरु दक्षिणा वाले गुरु की शैक्षणिक कार्यशैली?
आरके श्रीवास्तव अपने शिक्षा के दौरान टीबी की बिमारी के चलते नही दे पाये थे आईआईटी प्रवेश परीक्षा, टीबी की बिमारी के चलते आईआईटीयन न बनने की टीस ने दिलाया सैंकड़ों गरीब स्टूडेंट्स के सपने को पंख।टीबी की बिमारी के ईलाज के दौरान आरके श्रीवास्तव  ने  अपने गाँव बिक्रमगंज मे मैथमैटिक्स पढाना शुरू किया था। जहां वह साधारण फीस पर बच्चों को एंट्रेंस एग्जाम के लिए तैयार करते थे। कम फीस होने के बावजूद कुछ बच्चे यहां एडमिशन नहीं ले पाते थे। जिसके बाद आरके श्रीवास्तव ने ” 1 रुपया गुरु दक्षिणा” प्रारुप वाले शैक्षणिक कार्यशैली की शुरुआत किया।”1 रुपया गुरु दक्षिणा” एक एजुकेशनल प्रोग्राम है, जहां गरीब और होनहार बच्चों को 1 रुपया फ़ी लेकर आईआईटी, एनआईटी  के लिए कोचिंग दी जाती है। जो स्टूडेंट्स 1 रुपया फ़ी भी देने योग्य नही होते है उन्हे निःशुल्क शिक्षा दिया जाता है  जब वे सफल होकर नौकरी करने लगते है  उसके बाद वे आकर अपने गुरु को उनका गुरु दक्षिणा 1 रुपया जरुर देते है ।  स्टूडेंट्स को सेल्फ स्टडी के प्रति जागरूक करने के लिये आरके श्रीवास्तव का स्पैशल गणित का लगातार 12 घंटे का नाइट क्लासेज अभियान देश मे काफी लोकप्रिय है । जिस दिन आरके श्रीवास्तव पूरी रात लगतार 12 घंटे स्टूडेंट्स को गणित का गुर सिखाने के लिये बुलाते है  उस दिन उनके खाने की व्यवस्था भी होती है। बच्चों के लिए आरके श्रीवास्तव  की मां आरती  देवी खाना बनाती हैं।

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