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New Excise Policy: पंजाब में नई सरकार का तोहफा, 40% तक सस्ती होने वाली है शराब

चंडीगढ़:पंजाब में शराब प्रेमियों को नई सरकार ने कुछ ही महीने के भीतर बड़ा तोहफा दिया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान की अगुवाई वाली आम आदमी पार्टी सरकार  ने राज्य में नई आबकारी नीति को मंजूरी दी है। नई नीति के अमल में आते ही पंजाब में शराब की कीमतें 40 फीसदी तक कम हो जाएंगी। वहीं सरकार को उम्मीद है कि नई नीति से उसे 9,647.85 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो सकता है।

पंजाब को शराब से होगी इतनी कमाई

मुख्यमंत्री मान की अगुवाई में चंडीगढ़ स्थित पंजाब सिविल सेक्रेटारियेट में मंत्रिमंडल की एक अहम बैठक हुई। मंत्रिमंडल की बैठक में नई आबकारी नीति पर मुहर लगाई गई। बैठक के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय के एक प्रवक्ता ने बताया कि नई नीति में सघन निगरानी और आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल कर पड़ोसी राज्यों से शराब की तस्करी पर लगाम लगाने के ऊपर फोकस किया गया है। नई नीति में 2022-23 के दौरान 9,647.85 करोड़ रुपये का राजस्व जुटाने का लक्ष्य रखा गया है।

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अगले महीने से लागू होगी नई नीति

नई आबकारी नीति एक जुलाई से लागू होगी और अगले साल 31 मार्च तक अमल में रहेगी। इसका मतलब हुआ कि नई आबकारी नीति अगले नौ महीने प्रभावी रहने वाली है। इसके बाद सरकार अगले साल आबकारी नीति की समीक्षा करेगी। अमूमन हर राज्य एक अप्रैल से नई आबाकारी नीति को लागू करते हैं। इस साल पंजाब में विधानसभा चुनाव हो रहे थे, इस कारण आबकारी नीति में संशोधन में देरी हुई।

राज्य में होंगी शराब की इतनी दुकानें

नई नीति के बाद शराब बनाने वाली कंपनियों, थोक विक्रेताओं और रिटेलर्स के बीच कोई कनेक्शन नहीं रहेगा। इसमें सभी स्टेकहोल्डर्स को एक-दूसरे से अलग-थलग करने का लक्ष्य तय किया गया है। इसके साथ ही नई नीति में 177 समूहों को पारदर्शी ई-टेंडरिंग प्रक्रिया के जरिए शराब ट्रेड के टेंडर अलॉट करने का भी लक्ष्य है। अब पंजाब में शराब की दुकानों की संख्या 6,378 होगी।

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अब शराब पर इतनी लगेगी ड्यूटी

पंजाब में बनने वाली शराब को छोड़कर बाकी सभी कैटेगरी की शराब पर अब थोक कीमतों के 01 फीसदी के बराबर एक्साइज ड्यूटी लगेगी। इसी तरह भारत में बनी शराब पर भी थो कीमत के एक फीसदी के बराबर टैक्स लगेगा। राज्य में अब शराब की कीमतें पड़ोसी राज्यों के समतुल्य होंगी। सरकार ने राज्य में निवेश और रोजगार बढ़ाने के लिए नई डिस्टिलरी और ब्रुअरी का लाइसेंस देने का भी मन बनाया है। राज्य में माल्ट स्पिरिट बनाने के लाइसेंस को भी अमल में लाया जा रहा है।

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