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12 वीं के बाद ये कोर्स करके अपना जीवन उज्ज्वल बनाएं

बहुत सारे अभिभावकों के मन में होता है कि 12वीं के बाद छात्रों को कौन सा कोर्स (short term ) करायें जिससे तुरन्त  रोजगार व अच्छी सेलरी मिल सके।इस सिलसिले में सबसे  पहले  बच्चे  की रुचि पूछें।उसका रूझान किस ओर है ।उसकी क्षमता कितनी है।उसी हिसाब से तय करें।हर फील्ड  में सम्भावनायें हैं।कदर हुनर की होती है।बस अपना बेस्ट देना है।इस सिलसिले में चंद एक क्षेत्र है जहां आपका बच्चा अच्छा कर सकता है और उसका भविष्य उज्जवल हो सकता है।

एनिमेशन
अगर बच्चा क्रिएटिव है तो एनिमेशन एक ऐसा फील्ड है जहां पर आजकल कोई बेरोजगार नहीं है डिजिटल दुनिया होने के कारण 3D एनीमेशन की सबसे ज्यादा मांग है सस्ते कोर्स में भविष्य बच्चे का भविष्य उज्जवल हो जाएगा।एनिमेशन एक प्रकार की प्रक्रिया है जिसके अंतर्गत डिजाइनिंग, drawing, लेआउट बनाना तथा फोटोग्राफिक्स के लिए इसका मुख्य उपयोग किया जाता है। एनिमेशन की प्रिपरेशन करना मुख्य है। जिसके बाद आप कई प्रकार की मल्टीमीडिया या किसी गेम प्रोडक्ट में इंटीग्रेटेड कर सकते हैं।पिछले कुछ दिनों से एनीमेशन के प्रति युवाओं में क्रेज कुछ ज्यादा ही देखने को मिल रहा है। अगर आपकी Animation Course में रुचि है। तो आप इस सेक्टर में शानदार कैरियर बना सकते हैं। बस आपके अंदर क्रिएटिविटी, आर्ट्स और बेसिक इंटरनेट की स्किल का होना आवश्यक है | Animation में कैरियर बनाने के लिए आपको एनीमेशन कोर्स जैसे कि बीएससी इन एनीमेशन, डिप्लोमा इन मल्टीमीडिया एंड एनीमेशन, सर्टिफिकेट इन एनीमेशन इनमें से आप कोई कोर्स कर सकते हैं। इसके बाद आप किसी अच्छे Animation Production हाउस में इंटर्नशिप करें। जिससे आपको Animation फील्ड की वास्तविक जानकारी हो जाएगी कि इस सेक्टर में काम कैसे होता है।आजकल बहुत से कॉलेज और इंस्टीट्यूट में एनिमेशन कोर्स संचालित किया जा रहा है। लेकिन आप किसी भी अच्छे और विश्वसनीय इंस्टीट्यूट से ही एनीमेशन कोर्स करें । जंहा पर अच्छे टीचर और प्रैक्टिकल की सारी सुविधाएं मौजूद हों। इस फील्ड में आप जितना ज्यादा प्रैक्टिकल करेंगे, उतना ही ज्यादा सीख पाएंगे। चलिये अब हम आपको एनीमेशन में कैरियर के स्कोप के बारे में बताते हैं।

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SAFETY MANAGEMENT:सम्मान के साथ अर्निंग
सेफ्टी की जरूरत आज हर काम में है। चाहे आप मशीनों पर काम कर रहे हों, ऊंचाई पर रहकर कोई काम कररहे हैं, पुल या रोड के निर्माण में लगे हैं या फिर लटक कर कोई काम करते हैं। इन सभी कामों को करने के लिए सेफ्टी उपायों को ध्यान में रखना जरूरी है, नहीं तो जान और माल दोनों का खतरा हो सकता है।प्रोडक्शन फील्ड से जुड़ी इंडस्ट्रीज में ये खतरे और भी ज्यादा हैं। चूंकि इस सेक्टर में जॉब्स के अवसर ज्यादा हैं, इसलिए युवा सेफ्टी फील्ड में ज्यादा रूचि ले रहे हैं। दूसरे, इस फील्ड में कमाई के साथ-साथ रिस्पेक्ट भी है, क्योंकि देश की सेवा करके आपको आत्म-संतुष्टि भी मिलती है।मेक इन इंडिया के तहत देश में उद्योगों का तेजी से विस्तार करने का प्रयास जारी है। ऐसे में सभी छोटे-बड़े कारखानों में सेफ्टी मैनेजमेंट के तहत आवश्यक उपकरणों और विशेषज्ञों की व्यवस्था की जाती है, ताकि किसी भी तरह की दुर्घटना की आशंका से बचा जा सके। अगर आपकी रुचि भी सेफ्टी मैनेजमेंट में है तो संबंधित कोर्स करके फील्ड में एंट्री कर सकते हैं।देश में निजी उद्योगों के अलावा बड़े पैमाने पर सार्वजनिक क्षेत्र के कारखाने हैं। इसके अलावा, राज्य सरकार के उपक्रम भी हैं। मेक इन इंडिया के तहत देश और विदेश की कंपनियों द्वारा लगाए जाने वाले औद्योगिक संयंत्रों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में औद्योगिक प्रतिष्ठानों में सुरक्षा इंतजामों की जरूरत ज्यादा होती है, क्योंकि इनमें सैकड़ों-हजारों की तादाद में लोग काम करते हैं। यहां भारी-भरकम मशीनें इस्तेमाल होती हैं। इसलिए यहां दुर्घटनाओं का जोखिम हमेशा बना रहता है।इनसे बचने और किसी तरह की दुर्घटना या आपदा के समय मदद के लिए सेफ्टी मैनेजमेंट के विशेषज्ञों की तैनाती अनिवार्य होती है। हाल के वर्षों में औद्योगिक सुरक्षा और अग्नि सुरक्षा के क्षेत्र में कुशल प्रोफेशनल्स की आवश्यकता तेजी से बढ़ी है। यही कारण है कि इस क्षेत्र में युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़े हैं। इंडस्ट्रीयल सेफ्टी मैनेजमेंट कोर्स की खासियत यह है कि इसकी पढ़ाई के बाद आपमें तमाम तरह के खतरों से निबटने की प्रबंधन कला आ जाती है।

SAFETY MANAGEMENT:जॉब अपॉर्च्युनिटी
सेफ्टी मैनेजमेंट फील्ड में आजकल युवाओं के लिए जॉब के कई मौके हैं। इंडियन ऑयल, हिंदुस्तान पेट्रोलियम, सेल, टिस्को, कोल इंडिया, एनटीपीसी या भाभा एटामिक रिसर्च सेंटर इत्यादि सार्वजनिक क्षेत्र के तमाम प्रतिष्ठान हैं, जहां सेफ्टी डायरेक्टर या विभाग रखना अनिवार्य है। इसके अलावा सरकारी हॉस्पिटल्स, फौज, रक्षा संस्थानों और स्थानीय निकायों में भी सेफ्टी प्रोफेशनल्स के लिए अलग से विभाग बने हुए हैं। इन सभी जगहों पर आप सरकारी जॉब्स पा सकते है।

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SAFETY MANAGEMENT:कोर्स एंड क्वालिफिकेशन
इंडस्ट्रियल सेफ्टी कोर्स देश के कई संस्थानों में अलग-अलग नामों से संचालित हो रहे हैं। ये कोर्स डिप्लोमा के रूप में मुहैया हैं। सेफ्टी विभागों में जूनियर पदों पर जॉब के लिए आप 12वीं के बाद डिप्लोमा कोर्स कर सकते हैं। अगर इस फील्ड में मैनेजर की जॉब चाहते हैं, तो पीजी डिप्लोमा कोर्स करना जरूरी है, लेकिन यह कोर्स सिर्फ इंजीनियरिंग ग्रेजुएट या इंजीनियरिंग में तीन वर्षीय डिप्लोमाधारी कैंडिडेट्स ही कर सकते हैं। साथ में अनुभव होना भी जरूरी है।

SAFETY MANAGEMENT:सैलरी
सेफ्टी मैनेजमेंट फील्ड आजकल एक हाईपेड जॉब में शुमार किया जाता है। करियर की शुरुआत में ही जूनियर लेवल के प्रोफेशनल्स को 15से 50 हजार रुपए की सैलरी आसानी से मिल जाती है।वहीं, मैनेजर पदों पर ज्वाइन करने वाले युवाओं को भी शुरू में 60 से 70 हजार रुपए प्रति माह की सैलरी मिल जाती है। अनुभव बढ़ने पर यह सैलरी लाख रुपए से भी अधिक होती है। विदेश में, खासतौर पर खाड़ी देशों में नौकरी मिलने पर ऐसे प्रोफेशनल कहीं ज्यादा कमाई कर सकते हैं।

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बच्चा आगे पढ़ना चाहता है तो…
बच्चा आगे पढ़ना चाहता है तो ग्रेजुएशन के बाद पीएचडी कर सकता है नयी शिक्षा नीति लागू हो चुकी है.साथ में योगा डिप्लोमा या पर्यटन का डिप्लोमा ले सकता है.अब दो डिग्री या डिप्लोमा एक साथ ले सकते हैं.योगा और पर्यटन में इस समय सम्भावना यें हैं.पीएचडी की तैयारी जारी रखी जा सकती है।लड़के का रुझान अगर बड़ी नौकरियों पर है  ग्रेड अच्छा है तो ग्रेजुएशन करायें.अच्छी नौकरी पाने में लाभदायी होगा. MBBS,Engineering,भी ग्रेजुएशन ही होता है.नही तो Pharmacy,Polytechnic,BBA,MBA भी करा सकते हैं.ये सब रोजगार देने वाले डिप्लोमा कोर्स हैं।

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