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शरीर है कंप्यूटर है

21 वीं सताब्दी कंप्यूटर क्रांति व सूचना प्रौद्योगिकी की चरम शताब्दी है, यदि दार्शनिक अंदाज में आध्यात्मिक रूप से परिभाषित करें तो भारतीय दर्शन आसानी से समझ में आ सकता है। मानव शरीर एक कंप्यूटर है।
हार्डवेयर- सगुणात्मक तत्व हार्डवेयर है, जिसके अंतर्गत हैं 10 इन्द्रियां, त्वचा, रक्त, मज्जा, अस्थि आदि।
साफ्टवेयर-निर्गुनात्मक तत्व साफ्टवेयर है, जिसके अंतर्गत हैं मन, बुद्धि, आत्मा, अहंकार आदि।

 

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हार्डडिस्क
शरीर में मस्तिष्क हार्डडिस्क है, और सारा दारोमदार इसी पर होता है। हार्ड डिस्क को नमी व डस्ट से बचाने को एसी-एअर टाइट कक्ष की व्यवस्था की जाती है, ईश्वर ने मस्तिष्क की सुरक्षा के लिए सर पर बाल दिए, शास्त्रों ने और ठंडा रखने हेतु चंदन लेपन की व्यवस्था दी, फिर भी धूप और शीत से वचाव हेतु सर ढांके रखने की आवश्यकता महसूस की गयी। अधिक तापमान में सिस्टम हंग होने लगता है और उसी तरह दिमाग भी काम करना बंद कर देता है। कभी-कभी बात करते बक्त व्यक्ति भूल जाता है कि वह क्या कह रहा था? यही तो हंग होना है। जिस तरह हार्डडिस्क अलग-अलग मैमोरी की होती है उसी तरह मस्तिष्क की भी क्षमता और गति भिन्न-भिन्न है, हार्ड डिस्क का फेल होना ही ब्रेन हेमरेज है। यदि इलाज से सुधर हो गया तो ठीक, वरना मृत्यु।सगुणात्मक तत्व हार्डवेयर की सारी गतिविधि निर्गुनात्मक तत्व साफ्टवेयर पर निर्भर है, यानि सभी 10 इन्द्रियां पूरी तरह मन के अनुसार चलतीं हैं। मन बुद्धि को प्रभावित करता है। आत्मा मुख्य रूप से कंप्यूटर की विंडो है। कर्मेन्द्रियों-ज्ञानेन्द्रियों के प्रत्येक क्रियाकलाप व अनुभूति मस्तिष्क रूपी हार्डडिस्क की मैमोरी में सेव रहती है यानि स्मृति पटल पर अंकित रहती है।

 

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वाइरस-
जिस तरह से वाइरस कंप्यूटर को निष्क्रिय कर देता है, उसी तरह संशय, भ्रम और गलतफहमी जैसे वाइरस मानव-जीवन को बर्वाद कर देते हैं। वाइरस विभिन्न कंप्यूटरों प्रयोग की गई फ्लापी, सीडी, पेन ड्राइव या इंटरनेट से आता है, और दूषित मानसिकता वाले लोगों से मिलने-जुलने, कानाफूसी होने से दिमाग में संशय, भ्रम और गलतफहमी जैसे तनाव रूपी वाइरस आते हैं।

 

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एंटी वाइरस
वाइरस नष्ट करने को एंटी वाइरस स्कैन करना होता है उसी तरह सत्संग, धर्म-शास्त्रों के अध्ययन व चिंतन रूपी स्कैनिंग से संशय, भ्रम और गलतफहमी जैसे तनाव-वाइरस नष्ट होते हैं। समझदार लोग निरंतर करते रहते है सत्संग, धर्म-शास्त्रों के अध्ययन व चिंतन रूपी एंटी वाइरस करते रहते हैं, उनका मस्तिष्क तनावमुक्त रहता है।

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