Nationalist Bharat
ब्रेकिंग न्यूज़

मुख्तार अब्बास नकवी और आरसीपी सिंह का इस्तीफ़ा तय

नई दिल्ली:भाजपा और जदयू से राज्यसभा के अगले कार्यकाल ना मिलने की वजह से केन्द्री मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी और आरसीपी सिंह को आखिरकार इस्तीफ़ा देना ही पड़ेगा।अब ये दोनों ना तो राज्यसभा के सदस्य रहेंगे ना ही केंद्र में मंत्री।मोदी सरकार के दो मंत्रियों को लेकर पिछले कई हफ्तों से ढेर सारी अटकलें लगाई जा रही हैं। कभी आरसीपी सिंह के भाजपा में शामिल होने की अफवाह उड़ती है तो कभी मुख्तार अब्बास नकवी को उपराष्ट्रपति उम्मीदवार बनाए जाने की चर्चा होने लगती है। अब अंदरखाने से खबरें आ रही हैं कि आज या कल में दोनों मंत्री इस्तीफा दे सकते हैं।

 

Advertisement

 

 

Advertisement

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक के दौरान देश व लोगों की सेवा के लिए केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी और राम चंद्र प्रसाद सिंह के योगदान की सराहना की। सूत्रों ने यह जानकारी दी।सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री की सराहना को इस संकेत के रूप में देखा जा रहा है कि आज हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक दोनों नेताओं के लिए आखिरी थी। दोनों नेताओं का राज्यसभा सदस्य के रूप में कार्यकाल सात जुलाई यानी बृहस्पतिवार को समाप्त हो रहा है। सूत्रों का कहना है कि दोनों नेता आज प्रधानमंत्री मोदी को अपना इस्तीफा सौंप सकते हैं । नकवी को भाजपा ने पिछले दिनों हुए राज्यसभा के द्विवार्षिक चुनाव में कहीं से उम्मीदवार नहीं बनाया था। आरसीपी सिंह जनता दल यूनाईटेड के कोटे से केंद्र सरकार में मंत्री थे। उन्हें भी जदयू ने अगला कार्यकाल नहीं दिया है। सूत्रों ने कहा कि मंत्रिमंडल की बैठक के बाद नकवी ने भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष जे पी नड्डा से मुलाकात की।जेडीयू नेता और केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह का संसदीय कार्यकाल कल यानी 7 जुलाई को समाप्त हो रहा है। इसका मतलब यह है कि कल के बाद वह राज्यसभा के सदस्य नहीं रहेंगी। उन्हें मंत्रालय की जिम्मेदारी भी छोड़नी पड़ सकती है। आज सुबह से ही चर्चा है कि राष्ट्रपति भवन से आरसीपी सिंह और नकवी को पदमुक्त करने की सूचना आ सकती है। दोनों नेता अगले कुछ घंटों में इस्तीफा दे सकते हैं।

 

Advertisement

 

ज्ञात हो कि नकवी अभी केंद्र सरकार में अल्पसंख्यक कार्य मंत्री हैं और राज्यसभा में भाजपा के उपनेता हैं। राज्यसभा में उनका कार्यकाल इसी साल सात जुलाई यानी बृहस्पतिवार को समाप्त हो रहा है। पिछले दिनों राज्यसभा के लिए हुए द्विवार्षिक चुनाव में भाजपा ने उन्हें कहीं से उम्मीदवार नहीं बनाया था। तभी से ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि पार्टी उन्हें कोई नयी भूमिका सौंप सकती है।

Advertisement

Related posts

सम्राट चौधरी को जदयू का करारा जवाब,कहा:बिल्ली पूरा दूध चट नहीं कर पाई तो पीड़ा बयानबाजी के माध्यम से निकल रही है

दिल्ली आसपास में भीषण गर्मी,गुरुग्राम में 45 डिग्री पहुंचा पारा

क़ुबूल हुई रोहिणी आचार्या की दुआ,लालू यादव को मिली ज़मानत

Leave a Comment