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आशाओं का पीएचसी पर धरना-प्रदर्शन का दो दिवसीय आंदोलन निर्णायक हड़ताल में जाने के ऐलान के साथ सम्पन्न

आशाओं के मासिक मानदेय बढ़ाने की घोषणा,कोरोना काल का सेवा भत्ता और उम्र त्रुटि सुधार का एक मौका देने, कमीशन खोरी पर रोक लगाने आदि आंदोलन के मुद्दे थे
150 से ज्यादा पीएचसी पर प्रदर्शन करके मांगपत्र सौंपा गया
महागठबंधन के घोषणापत्र के मुताबिक मासिक मानदेय की घोषणा नही हुई तो राज्यव्यापी निर्णायक हड़ताल में आशाएं जाएंगी-शशि यादव

 

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पटना:महासंघ गोप गुट और एक्टू से सम्बद्ध बिहार राज्य आशा कार्यकर्ता संघ के आह्वान पर आशाओं की लंबित मांगों के प्रति सरकार की उदासीनता और पीएचसी में बीसीएम की घूसखोरी के खिलाफ राज्यव्यापी आंदोलन राज्य के 150 से ज्यादा पीएचसी पर हुए और मांगों से सम्बंधित मांगपत्र चिकित्सा प्रभारी को सौंपा गया।बड़ी संख्या में आशाओं ने इस आंदोलन में शिरकत किया।आशा आंदोलन की नेता शशि यादव ने कहा कि हमने राज्य के उपमुख्यमंत्री सह स्वास्थ्य मंत्री तेजस्वी यादव से मिलकर ज्ञापन दिया है,मांग की है कि महागठबंधन के चुनावी घोषणापत्र को यथाशीघ्र लागू किया जाए।सरकार की उदासीनता और आशाओं के साथ उम्र की विसंगतियों को दूर करने को लेकर अधिकारियों के जरिये पैसे वसूली अभियान के खिलाफ आक्रोशित आशाओं ने आंदोलन के जरिये सरकार पर दबाव बनाया है।उन्होंने कहा कि भाजपा के मंत्री ने मासिक मानदेय को प्रोत्साहन राशि कर दिया जिसे बदलकर मानदेय करने की मांग हर आशा की है।जीने लाइक मासिक मानदेय की घोषणा सरकार को जल्द करना चाहिए।सरकार अगर आशाओं-आशा फैसिलिटेटर की मांगों को पूरा नही करती है तो हम अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को मजबूर होंगे।इस बात की लिखित सूचना जल्द ही विभाग को जल्द ही दिया जाएगा।

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