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पटनाइट्स के लिए परिवार संग आनंद उठाने का बेहतर स्पॉट रहा बिहार सरस मेला

पटना: ग्रामीण शिल्प एवं उत्पाद की खरीददारी से लेकर देशी व्यंजनों के लुत्फ़ उठाने के साथ ही एक्समस डे मनाने के लिए खुबसूरत लोकेशन बना बिहार सरस मेला प्रांगण l एक तो वीकेंड ऊपर से बड़ा दिन , ऐसे में पटनाइट्स के लिए भागदौड़ की जिंदगी से अलग ही परिवार के साथ बीताने एवं आनंद उठाने का बेहतर अवसर रहा बिहार सरस मेला l मेला के आयोजन के ग्यारहवें दिनरविवार को डेढ़ लाख से ज्यादा मेला के कद्रदान आये और अपने मनपसंद उत्पादों की खरीददारी की तथा स्वादिष्ट व्यंजनों का लुत्फ़ उठाया lग्रामीण शिल्प और उत्पादों की प्रदर्शनी एवं बिक्री के उदेश्य से 15 दिसंबर से 29 दिसंबर तक जीविका, ग्रामीण विकास विभाग द्वारा गांधी मैदान, पटना में आयोजित बिहार सरस मेला अब समापन की ओर रुख कर चूका है l लिहाजा लोग अपने पसंद की चीजों को खरीदने और चखने से चूकना नहीं चाह रहे हैं l मेला समापन में महज चार दिन शेष हैं l

बिहार सरस मेला का आयोजन वर्ष 2014 से बिहार ग्रामीण जीविकोपार्जन प्रोत्साहन समिति, जीविका द्वारा किया जा रहा है l तब से निरंतर सरस मेला में खरीद-बिक्री का आंकड़ा अपने पूर्व के रिकार्ड को तोड़ते हुए आगे बढ़ रहा है l 10 दिनों में खरीद-बिक्री का आंकड़ा 10 करोड़ 7 लाख 13 हजार रूपया पार कर गया l शनिवार को लगभग 1 करोड़ 62 लाख 94 हजार रुपये के उत्पादों एवं व्यंजनों की खरीद-बिक्री हुई l

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बिहार सरस मेला का आयोजन ग्रामीण शिल्पकार एवं महिलाओं के लिए खास मायने रखता है l इस आयोजन से ग्रामीण शिल्प एवं उत्पाद को प्रोत्साहन एवं बाज़ार तो मिल ही रहा है देशी एवं पौष्टिक व्यंजन तथा आयुर्वेदिक पौधे भी बहुतायत मात्रा में बिक रहे हैं l जीविका दीदी मौसम कुमारी के द्वारा दीदी की पौधशाला स्टॉल पर आयुर्वेदिक पौधों की खूब बिक्री हो रही है l मौसम पहली बार आयुर्वेदिक पौधे प्रदर्शनी एवं बिक्री के लिए सरस मेला में लेकर आई हैं l इससे पहले वो अपने गाँव पश्चिम चंपारण के घोड़ासहन में जीविका के संबल से दीदी की पौधशाला वर्ष 2019 से चला रही हैं l अपने नर्सरी में उत्पादित पौधे की सप्लाई वन विभाग एवं मनरेगा को करती हैं l इनके पौधशाला में शिशु पौधा उत्पादन क्षमता 30 हजार है l इस व्यवसाय से उन्हें काफी मुनाफा हो रहा है l सरस मेला में लगे अपने स्टॉल के माध्यम से दस दिनों में लगभग 25 हजार रुपये के पौधे की बिक्री कर चुकी हैं l इनके स्टॉल से इन्सुलिन , एलोवेरा, इलायची , तेजपत्ता, लाल चन्दन, इस्तिविया , अर्केरिया, पपीता, बेल, अजवाइन , लेमन ग्रास, बसमतिया, कड़ी पत्ता, श्याम पत्ता, राम तुलसी, पत्थर चूर्ण, सतावर आदि आयुर्वेदिक पौधे खूब बिक रहे हैं l

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स्वयं सहायता समूह से जुडी महिला उद्धमियों एवं स्वरोजगारियों के स्टॉल्स पर आचार-पापड़ , रोहतास का सोनाचुर चावल और भागलपुर के कतरनी चावल , रवा और गुड आगंतुकों द्वारा बहुत पसंद किये जा रहे है l खादी के परिधान, अगरबत्ती, लाह की चूड़ियां, सीप और मोती से बने श्रृगार की वस्तुएं , आयुर्वेदिक पाचक, रोहतास की गुड़ की मिठाई, पापड़, मिठाई , मुरब्बे, बक्सर की सोन पापड़ी, घर- बाहर के सजावट के सामान, खिलौने के अलावा मधुबनी पेंटिंग पर आधारित मनमोहक कलाकृतियाँ, कपड़े , कालीन, पावदान, आसाम और झारखण्ड से आई बांस और ताड़-खजूर के पत्ते से बनी कलाकृतियाँ गाँव की हुनर को प्रदर्शित करते हुए लोगों को मुग्ध कर रही हैं l कृत्रिम फूल और बचपन के पारंपरिक खिलौने खूब बिक रहे हैं l सहारनपुर के लकड़ी के फर्नीचर, झूले और साज-सज्जा के उत्पादों की खूब बिक्री हो रही है l

ग्रामीण शिल्प, हुनर, उत्पाद एवं देशी व्यंजनों को प्रोत्साहन एवं बाज़ार देने के साथ ही जीविका लोक कलाकारों को भी अपने प्रदेश –गाँव की लोककलाओं, लोक गीत एवं नृत्य के प्रदर्शन के लिए भी मंच प्रदान कर रहा है l प्रतिदिन सांस्कृतिक कार्यक्रम अंतर्गत मुख्य मंच पर लोक गीत लोक नृत्य, गजल एवं सूफी गायन की प्रस्तुति हो रही है l रविवार को सांस्कृतिक कार्यक्रम अंतर्गत एक से बढ़कर एक कार्यक्रमों की प्रस्तुति हुई l मुस्कान सांस्कृतिक मंच द्वारा लोक गीत, गजल एवं सूफी अंदाज में गीतों की प्रस्तुति हुई l कमलेश कुमार देव एवं लाल्केश्वर ने लोक गीतों एवं सूफी गायन से दर्शकों को मंत्र मुग्ध किया l तत्पश्चात कला –संस्कृति एवं युवा विभाग द्वारा रंगारंग कार्यक्रम की प्रस्तुति हुई l इन्डियन आइडियल फेम ऐश्वर्य निगम ने दर्शकों को खूब झुमाया वही दीपाली शाह ने अपने ही अंदाज में सभी को रिझाया l

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महिला बाल विकास निगम के तत्वाधान में ग्रामीण लोक सेवा के कलाकारों द्वारा लघु नुक्कड़ नाटक की प्रस्तुति जारी है l नाटक दहेज़ प्रथा एवं बाल विवाह उन्मूलन तथा घरेलु हिंसा एवं यौन शोषण विषय पर आधारित है l कलाकारों में हौबिनस, दिनेश, संजय, रोहन, राधा, विजय, अमित, प्रेम, राम शकल, एवं शालिनी रहे lसेमिनार हॉल में पी.सी.आई द्वारा ग्रामीण महिलाओं के उत्थान में सामुदायिक संगठनो के महत्व पर चर्चा हुई l श्री ओम प्रकाश , कार्यक्रम प्रबंधक, पी.सी.आई ने पंचायती राज व्यवस्था में समूह, ग्राम संगठन एवं संकुल स्तरीय संघ के उत्तरदायित्य के बारे में उपस्थित जीविका दीदियों को बताया l

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पालना घर एवं फन जोन में बच्चे खूब मस्ती कर रहे हैं l फ़ूड जोन और दीदी की रसोई स्टॉल पर आगंतुक देशी एवं पौष्टिक व्यंजनों का लुत्फ़ उठा रहे हैं l मुख्य द्वार पर सेल्फी ज़ोन पर खूब फोटोग्राफी हो रही है l और सबसे ज्यादा आकर्षण का केंद्र बाइस्कोप भी लोगों को अपनी और खींच रहा है l सरस मेला में डिजिटल ट्रांजैक्शन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सभी स्टॉल पर कैशलेश खरीददारी की व्यवस्था है l रूपये की जमा निकासी के लिए जीविका दीदियों द्वारा 5 ग्राहक केंद्र संचालित है l

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