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समापन की ओर अग्रसर बिहार सरस मेला,जम कर ख़रीदारी कर रहे हैं लोग

पटना:बिहार सरस मेला अब समापन की ओर रुख कर चूका है l 15 दिसंबर 2022 से गाँधी मैदान में आयोजित मेला का समापन 29 दिसंबर को होना है l लिहाजा मेला के कद्रदान अपने मनपसंद उत्पादों की जमकर खरीददारी कर रहे हैं lइस मेला में बिहार समेत बीस राज्यों के स्वयं सहायता समूह से जुडी महिलाएं एवं स्वरोजगारी अपने –अपने प्रदेश के ग्रामीण शिल्प, सस्कृति, परम्परा एवं स्वाद को लेकर उपस्थित हैं l मेला में बिहार, आँध्रप्रदेश, आसाम, छत्तीसगढ़, दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, झारखण्ड, केरला, कर्नाटका, मध्य प्रदेश, मणिपुर, महारष्ट्र, मेघालय, ओड़िसा, पंजाब, राजस्थान, तमिलनाडु,तेलंगाना,उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड, एवं पश्चिम बंगाल की ग्रामीण शिल्पकार और स्वरोजगारी शिरकत कर रहे हैं l

बिहार सरस मेला का आयोजन वर्ष 2014 से बिहार ग्रामीण जीविकोपार्जन प्रोत्साहन समिति, जीविका द्वारा किया जा रहा है l तब से निरंतर सरस मेला निरंतर प्रगति की ओर अग्रसर है l 11 दिनों में खरीद-बिक्री का आंकड़ा 11 करोड़ 88 लाख 44 हजार रूपया पार कर गया l मेला के ग्यारहवें दिन रविवार को तो मेला में आगंतुकों की संख्या एवं खरीद-बिक्री के आंकड़े ने अपने पुराने रिकॉर्ड से काफी आगे निकल गया l वर्ष 2019 के दिसंबर माह में आयोजित सरस मेला में खरीद-बिक्री का आंकड़ा लगभग साढ़े दस करोड़ रूपया था l इस बार दस करोड़ का आंकड़ा दस दिनों में ही पार कर गया l मेला के ग्यारहवें दिन रविवार को लगभग 1 करोड़ 81 लाख 32 हजार रुपये के उत्पादों एवं व्यंजनों की खरीद-बिक्री हुई l

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बिहार सरस मेला में ग्रामीण शिल्पकारो को प्रोत्साहन एवं बाज़ार तो मिला ही है जीविका के संबल से स्वरोजगार की राह पर चल पड़ी महिलाओं की गाथाएं भी प्रदर्शित है l आत्सम्मान के 15 साल की गाथा ले कर बिहार सरस मेला में उपस्थित हैं l उन्ही महिलाओं में से एक हैं श्रीमती उमा कुमारी l उमा डिजिटल बैंकिंग सेवा अंतर्गत बैंक सखी के तौर पर जीविका के संबल से वर्ष 2020 से अपने गाँव सिकंदरपुर बांध, दानापुर में ग्राहक सेवा केंद्र चला रही हैं l अपने सास के कहने पर उमा गुलाब जीविका स्वयं सहायता समूह से जुडी और अपने कार्यों की बदौलत समूह की अध्यक्ष भी चुनी गई l बाद में वो बैंक सखी के रूप में चयनित हुई और कुशलता पूर्वक ग्राहक सेवा केंद्र चला रही हैं l केंद्र संचालन से उन्हें प्रति माह 6 से 7 हजार रूपया कमीशन मिल रहा है l सरस मेला में भी उमा ग्राहक सेवा केंद्र चला रही हैं l उनके दस नंबर स्टाल से प्रति दिन 80 हजार से सवा लाख रुपये की जमा निकासी हो रही है l दरअसल जीविका दीदियाँ दूर-दराज क्षेत्रों में बैंक सखी के रूप में वैकल्पिक बैंक और डिज़िटल वित्तीय सेवाएँ उपलब्ध करा रही हैं l बैंक सखी की बैंकिग व्यवसाय प्रतिनिधि के रूप में प् पहचान है l इनका उद्देश्य वैसे क्षेत्र जहाँ बैंक की कोई भी शाखा नहीं है,वहां घर-घर बैंकिंग सेवाएँ प्रदान करना है l बिहार में 4 हजार 880 जीविका दीदियाँ बैंक सखी के रूप में अपनी पहचान बना रखी हैं l मेला में 5 ग्राहक सेवा केंद्र संचालित हैं l

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स्वयं सहायता समूह से जुडी महिला उद्धमियों एवं स्वरोजगारियों के स्टॉल्स पर आचार-पापड़ , रोहतास का सोनाचुर चावल और भागलपुर के कतरनी चावल , रवा और गुड आगंतुकों द्वारा बहुत पसंद किये जा रहे है l खादी के परिधान, अगरबत्ती, लाह की चूड़ियां, सीप और मोती से बने श्रृगार की वस्तुएं , आयुर्वेदिक पाचक, रोहतास की गुड़ की मिठाई, पापड़, मिठाई , मुरब्बे, बक्सर की सोन पापड़ी, घर- बाहर के सजावट के सामान, खिलौने के अलावा मधुबनी पेंटिंग पर आधारित मनमोहक कलाकृतियाँ, कपड़े , कालीन, पावदान, आसाम और झारखण्ड से आई बांस और ताड़-खजूर के पत्ते से बनी कलाकृतियाँ गाँव की हुनर को प्रदर्शित करते हुए लोगों को मुग्ध कर रही हैं l कृत्रिम फूल और बचपन के पारंपरिक खिलौने खूब बिक रहे हैं l सहारनपुर के लकड़ी के फर्नीचर, झूले और साज-सज्जा के उत्पादों की खूब बिक्री हो रही है l

महिला बाल विकास निगम के तत्वाधान में ग्रामीण लोक सेवा के कलाकारों द्वारा लघु नुक्कड़ नाटक की प्रस्तुति जारी है l नाटक दहेज़ प्रथा एवं बाल विवाह उन्मूलन तथा घरेलु हिंसा एवं यौन शोषण विषय पर आधारित है l कलाकारों में हौबिनस, दिनेश, संजय, रोहन, राधा, विजय, अमित, प्रेम, राम शकल, एवं शालिनी रहे l

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मुख्य सांस्कृतिक मंच पर डी.एम्.आई और रेड ऍफ़ , एम् के तत्वाधान में युवा महोत्सव का आयोजन किया गया l इस कार्यक्रम के अंतर्गत विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के छात्र-छात्राओं के बीच गीत एवं नृत्य प्रतियोगिता का आयोजन किया गया l प्रतिभागियों को प्रशस्ति-पत्र वितरित किया गया l तत्पश्चात कला-संस्कृति एवं युवा विभाग के तत्वाधान में लोक गीत एवं नृत्य की प्रस्तुति की गई l

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सेमिनार हॉल में बिहार में बाढ़ एवं भूकंप जैसे आपदा से निपटने को लेकर एहतियात बरतने एवं निपटने और उपायों पर चर्चा हुई l आपदा जोखिम न्यूनीकरण को कम करने के तरीकों पर भी दर्शकों को जागरूक किया गया l इसके साथ ही आपदा प्रबंधन के तहटी सुरक्षित बिहार के 5 स्तंभों पर चर्चा हुई l इस सेमिनार में कमल कामत , बी.एस.डी.एम्.ए ने बतौर विशेषग्य शिरकत की lपालना घर और फन जोन में बच्चे खूब मस्ती कर रहे हैं l वही चटकारे जिन्दगी के स्पॉट सेल्फी जोन आकर्षण के केंद्र बने हुए हैं lसरस रसोई प्रांगण में फ़ूड जोन और दीदी की रसोई से आगंतुक देश अंदाज में बने विभिन्न प्रदेशों एवं बिहार के विभिन्न जिलों के व्यंजनों का लुत्फ़ उठा रहे हैं l

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