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प्राइवेट स्कूल्स खोलने के लिए शिक्षा विभाग को प्राइवेट स्कूल्स एंड चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन का 13 सूत्रीय सुझाव

पटना:प्राइवेट स्कूल्स एंड चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष शमायल अहमद ने बिहार के शिक्षा मंत्री को 1 जुलाई से निजी विद्यालयों को खोलने के लिए बिहार सरकार के शिक्षा विभाग द्वारा मांगी गई परामर्श के अंतर्गत 13 सूत्री सुझाव दिए है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के इस महामारी के दौर में बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है, साथ ही साथ इसमें स्कूल संचालकों और उससे जुड़े हुए तमाम शैक्षिक और गैर शैक्षिक कर्मचारियों की अनदेखी नहीं की जा सकती वहीं विद्यालय बंद होने से बच्चों की पढ़ाई ठप पड़ी हुई है। सबसे अधिक नुकसान उच्च विद्यालय के बच्चों को उठाना पड़ रहा है। इस महामारी से बचाव हेतु सरकार ने मार्च से ही लॉक डाउन लगा रखा था। जिससे प्राइवेट स्कूलों को बहुत सारी परेशानियों का सामना करना पड़ा है बच्चों के वार्षिक परीक्षा नहीं हो पाई नामांकन की प्रक्रिया नहीं शुरू हो पाई ऑफिस को भी बंद रखना पड़ा।शमायल अहमद ने कहा के हमारे एसोसिएशन जो बिहार के सभी 38 जिलों में कार्य कर रहे हैं उन सभी के लगभग सुझाव रखे हैं।सुझाव के अनुसार सर्वप्रथम विद्यालयों को अति शीघ्र 15 जून से ही विद्यालय कार्यालय खोलने की तथा नामांकन प्रारंभ करने की अनुमति दी जाए।विद्यालयों को विद्यालय खुलने से 10 दिन पहले अग्रिम सूचना दी जाए। ताकि विद्यालय में सैनिटाइजेशन सोशल डिस्टेंसिंग के लिए रूपरेखा तैयार की जा सके।विद्यालयों के वाहनों को सरकार के द्वारा श्रमिकों के लाने ले जाने में उपयोग किया गया है अतः उसे सरकार के द्वारा सैनिटाइज किया जाए।विद्यालयों में कक्षा का संचालन 1 जुलाई से क्रमबद्ध तरीके से हो, पहले कक्षा 6 से कक्षा 12th की अनुमति मिले, 10 जुलाई से कक्षा 1 से 5 तक की अनुमति मिले।जिन विद्यालयों में छात्र विद्यालय वाहन से आते हैं उन्हें जिस प्रकार सरकार ने सार्वजनिक परिवहनो के लिए सिर्फ सीट के संख्या अनुसार बच्चों को बैठने की अनुमति हो।विद्यालय प्रवेश से पूर्व प्रत्येक छात्र छात्रा, शिक्षक, तथा अन्य कर्मचारीयों के पास फेस मास्क, सैनिटाइजर की छोटी बोतल, पेपर सोप अथवा पॉकेट हैंड वॉश अनिवार्य हो अन्यथा उनका प्रवेश वर्जित हो।5 फीट की बेंच पर केवल दो बच्चों को बैठने की अनुमति होगी।विद्यालय में प्रार्थना सत्र खेलकूद तथा किसी प्रकार के सांस्कृतिक और गैर शैक्षिक कार्य स्थगित रखे जाए।विद्यालय में कक्षा का संचालन 50% बच्चों के साथ दो पारी (शिफ़्ट) में किया जाए।शनिवार को पूरे दिन तथा महीने के दो रविवार को कक्षा संचालन की अनुमति मिले।बच्चों के बीच कोरोना को लेकर जागरूकता फैलाई जाए तथा उनको अपने लंच बॉक्स, वाटर बोतल, पुस्तके कॉपी इत्यादि को एक दूसरे के बीच बांटने से रोका जाए। किसी भी बीमार बच्चे, शिक्षक अभिभावक अथवा किसी अन्य कर्मचारी का विद्यालय में प्रवेश वर्जित हो। लंबे समय तक विद्यालय बंद रहने की वजह से विद्यार्थियों का पढ़ाई का बहुत नुकसान हो चुका है अतः किसी भी पर्व त्यौहार के मौके पर लंबी छुट्टी से परहेज किया जाए तथा अन्य तरह की किसी भी प्रकार के अनवांछित छुट्टियों को रद्द किया जाए। कक्षा 10 एवं 12 के लिए अतिरिक्त कक्षा की अनुमति दी जाए। विद्यालयों के बंद रहने की वजह से बहुत सारे विद्यालयों के शिक्षक तथा संचालक दयनीय स्थिति में आ चुके हैं उनकी स्थिति में सुधार लाने के लिए अभिभावकों को यह निर्देश दिया जाए की लॉक डाउन की अवधि के फीस किस्त के रूप में विद्यालयों में जमा करें जिससे शिक्षकों तथा अन्य कर्मचारियों को वेतन मिल सके।

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