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टॉप महिला साइक्लिस्ट के साथ दुर्व्यवहार से देशवासी का सिर शर्म से झुक गया

साइ ने राष्ट्रीय स्तर की साइकिलिस्ट की भारतीय साइकिलिंग महासंघ द्वारा आयोजित स्लोवेनिया के विदेशी दौरे के दौरान कोच के खिलाफ अनुचित व्यवहार की शिकायत के मामले की सुनवाई के लिये जांच समिति गठित की थी। समिति ने आज अपनी शुरूआती रिपोर्ट सौंप दी और प्रथम दृष्टया मामला बनता है और एथलीट के आरोप सही पाये गये हैं।’

एक ऐसा मामला सामने आया हैं कि जिससे हर देशवासी का सिर शर्म से झुक जाना चाहिए कि हमारे समाजिक चरित्र का इतना अधिक पतन हो चुका है।एक भारत की टॉप महिला साइक्लिस्ट ने आरोप लगाया है कि देश के मुख्य राष्ट्रीय टीम के कोच आरके शर्मा उसके कमरे में ज़बरदस्ती घुस आये और कहा कि वह उसे ‘ पोस्ट ट्रेनिंग मैसेज ‘ देने आये हैं और महिला साइक्लिस्ट को अपनी तरफ़ खींचते हुऐ उसे अपने साथ रात बिताने के लिए कहने लगे । महिला साइक्लिस्ट और कोच इन दिनों स्लोवीनिया में है जो एशियाई साइक्लिंग चैम्पियनशिप की तैयारियों के लिए वहॉ गये हुऐ थे।महिला साइक्लिस्ट ने यह भी आरोप लगाया है कि कोच ने उनसे उनकी पत्नी की तरह व्यवहार करने के लिए कहा है।जब महिला साइक्लिस्ट ने इसका प्रतिरोध किया तो कोच ने धमकी दी कि वह उसका करियर बर्बाद कर देगा और उसका नाम नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस से निकाल देगा और वह सड़कों पर सब्ज़ियाँ बेचेगी ।
इस पर वह महिला साइक्लिस्ट ने तय किया कि वह ट्रेनिंग कैंप को छोड़कर वापस भारत जा रही हैं तो बेशर्म कोच ने उस लड़की के घरवालों को फ़ोन कर कहा कि इसकी शादी कर दे क्योंकि लड़की का स्पोर्ट्स में कोई भविष्य नहीं है ।

भारतीय खेल प्राधिकरण (Sports Authority Of India) ने एक महिला साइकिलिस्ट द्वारा स्लोवेनिया में ट्रेनिंग कम टूर्नामेंट के दौरान अनुचित व्यवहार के आरोप के बाद जांच समिति की शुरुआती रिपोर्ट पर कार्रवाई करते हुए साइकिलिंग कोच आर के शर्मा (RK Sharma) का अनुबंध खत्म कर दिया. साइ ने कहा कि शिकायत के बाद गठित की गयी जांच समिति ने पाया कि महिला साइकिलिस्ट के आरोप सच थे. साइ ने कहा, साइ ने राष्ट्रीय स्तर की साइकिलिस्ट की भारतीय साइकिलिंग महासंघ द्वारा आयोजित स्लोवेनिया के विदेशी दौरे के दौरान कोच के खिलाफ अनुचित व्यवहार की शिकायत के मामले की सुनवाई के लिये जांच समिति गठित की थी.

हम सभी जानते हैं कि स्पोर्ट्स में करियर बनाने वाले ज़्यादातर खिलाड़ी मध्यम व निम्न आय वर्ग के परिवारों से आते है जो अपने बेहतर भविष्य व देश के लिए पदक जीत कर लाने के लिए कठोर साधना करते है पर यदि उन्हें शर्मा जैसे कोच मिल जाये तो उनके सारे सपने, देश की उम्मीदें, और उनकी वर्षों की मेहनत एक झटके में मिट्टी में मिल जाती हैं

समिति ने आज अपनी शुरूआती रिपोर्ट सौंप दी और प्रथम दृष्टया मामला बनता है और एथलीट के आरोप सही पाये गये हैं. इस बयान में कहा गया, कोच को भारतीय साइकिलिंग महासंघ (सीएफआई) की सिफारिश पर रखा गया था जिनका साइ के साथ अनुबंध था. रिपोर्ट के बाद साइ ने तुरंत प्रभाव से कोच का अनुबंध रद्द कर दिया.

यह पहली बार नहीं है कि जब महिला खिलाड़ियों ने कोच की ऐसी शिकायत की है । पहले भी हम कोच द्वारा महिला खिलाड़ीयो के यौन उत्पीड़न की शिकायत सुनते आये हैं ।

अब सवाल यह है कि क्या हमारी पुरूष मानसिकता इस क़दर गिर चुकी हैं कि हम देश का नाम रोशन करने वाली महिला खिलाड़ीयो को भी नहीं बख्शते और उनकी कड़ी मेहनत व करियर को बर्बाद कर सकते है कि यदि वह  कोच की घिनौनी माँगो को मानने से इंकार कर दे।

हम सभी जानते हैं कि स्पोर्ट्स में करियर बनाने वाले ज़्यादातर खिलाड़ी मध्यम व निम्न आय वर्ग के परिवारों से आते है जो अपने बेहतर भविष्य व देश के लिए पदक जीत कर लाने के लिए कठोर साधना करते है पर  यदि उन्हें शर्मा जैसे कोच मिल जाये तो उनके सारे सपने, देश की उम्मीदें, और उनकी वर्षों की मेहनत एक झटके में मिट्टी में मिल जाती है ।
लड़की की शिकायत पर ‘ साई ‘ ने जो कार्रवाई की है उसका स्वागत किया जाना चाहिए क्योंकि  यह देश के मान सम्मान के साथ साथ सभी महिलाओं के सम्मान का भी मामला है।

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