Nationalist Bharat
विविध

सरस मेला का समापन समारोह, कुशल महिला उद्यमी सम्मानित

पटना:लोकरंग , लोककला , हस्तशिल्प , कलाकृतियाँ एवं  देशी व्यंजनों का सुप्रसिद्ध बिहार सरस मेला का बुधवार को समापन हो गया l  ग्रामीण विकास विभाग, बिहार सरकार के तावाधन में  बिहार ग्रामीण जीविकोपार्जन प्रोत्साहन समिति (जीविका ) द्वारा बिहार सरस मेला ज्ञान भवन , पटना में  20 सितंबर से 27 सितम्बर तक चला l सरस मेला में बिहार समेत 22 राज्यों की स्वयं सहायता समूह की महिला उद्यमियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और आगंतुकों को 131 स्टॉल से सैकड़ो वर्ष पूरानी संस्कृति, परंपरा, शिल्प और व्यंजनों से रूबरू कराया l जम्मू-कश्मीर, सिक्किम, झारखण्ड, उत्तर प्रदेश, आन्ध्र प्रदेश, हरियाणा, छत्तीसगढ़, मेघालय,  उत्तराखंड, पंजाब, असम, कर्नाटक, केरल,    पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र ,गुजरात, ओड़िसा, मध्य प्रदेश, तेलंगाना, राजस्थान, तमिलनाडु एवं बिहार की सहभागिता रही l बिहार से सभी 38 जिला से 80 स्वयं सहायता समूह से जुडी महिला व्यवसाइयों एवं सूक्ष्म उद्यमियों ने बिहार के हस्तशिल्प, हुनर, संस्कृति, परम्परा एवं बिहार के व्यंजनों एवं मिठाइयों से “दीदी की रसोई” समेत अन्य स्टॉल से रूबरू कराया l

समापन समारोह का आयोजन ज्ञान भवन, पटना में संपन्न हुआ l समापन समारोह में राम निरंजन सिंह, निदेशक, जीविका, राजेश कुमार, विशेष कार्य पदाधिकारी , जीविका ,  महुआ रॉय चौधरी , कार्यक्रम समन्वयक , जीविका एवं  समीर कुमार , राज्य परियोजना प्रबंधक, नान फार्म , जीविका ने शिरकत की l जीविका के अधिकारीयों ने स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा निर्मित हस्त शिल्प एवं देशी व्यंजनों की तारीफ की l  मुख्य मंच पर आगत अतिथियों को पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया गया l अतिथियों का स्वागत समीर कुमार, राज्य परियोजना प्रबंधक, जीविका ने किया l अपने स्वागत संबोधन में समीर कुमार  ने कहा कि  आत्मनिर्भरता के विविध रंग और स्वयं सहायता समूह से जुड़ी ग्रामीण महिलाओं की स्वावलंबन की झलक बिहार सरस मेला में प्रदर्शित हुई l बिहार सरस मेला का आयोजन ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशा में एक पहल है l तत्पश्चात स्टॉल धारकों ने सरस मेला के सन्दर्भ में अपना अनुभव साझा किया l पंजाब से आई  सुखदेव कौर ने कहा कि बिहार सरस मेला में आकर काफी अच्छा लगा l बिहार सम्मान के साथ ही अपने राज्य की हुनर , संस्कृति और परिधान को प्रदर्शित करने एवं बिक्री करने का शानदार अवसर मिला l इसके लिए मैं जीविका प्रबंधन की आभारी हूँ l वहीँ कैमूर, बिहार से आई  रानी देवी ने बिहार सरस मेला के प्रति अपना उदगार व्यक्त करते हुए कहा कि ग्रामीण स्तर की महिलाओं को अपना हुनर शिल्प के माध्यम से बेचने का एक बड़ा अवसर है सरस सरस मेला l मेला के समापन के साथ ही मेला के अगले आयोजन का इंतेज़ार रहता है l

समापन समारोह के अवसर पर कुशल महिला उद्यमियों को सम्मानित भी किया गया l सम्मान पाने वाली महिलाओं में रानी देवी- कैमूर,  सीता देवी- सारण,  पुतुल देवी, दीदी की रसोई, तथा  सीमा देवी- भागलपुर( लगभग 6 लाख रुपये की बिक्री ) और अलिया मल्लिक- ओड़िसा( लगभग 8 लाख रुपये की बिक्री ) को परिधानों की सर्वश्रेष्ठ बिक्री के लिए सम्मानित किया गया l इसके साथ ही मधुग्राम महिला उत्पादक समूह को बेहतरीन साज-सज्जा के लिए, फोर नाइन मीडिया प्राइवेट लिमिटेड को मेला की साज-सज्जा एवं टीम जीविका को बेहतर आयोजन के लिए सम्मानित किया गया l तत्पश्चात अपने संबोधन में महुआ रॉय चौधरी , कार्यक्रम सम्वायक, जीविका ने कहा कि स्वयं सहायता समूह से जुडी ग्रामीण महिलाओं के हुनर, आत्मनिर्भरता और स्वावलंबन के विविध रंगों का समावेशन भी सरस मेला में देखने को  मिला l  राजेश कुमार, विशेष कार्य पदाधिकारी, जीविका ने अपने संबोधन में कहा कि ग्रामीण महिलायें एक कुशल उद्यमी के तौर पर इस मेला के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रही हैं l यह काबिले तारीफ है l इस अवसर पर श्री राम निरंजन सिंह, निदेशक, जीविका ने अपने मंचीय संबोधन में कहा कि एक तरफ ग्रामीण शिल्प एवं कलाकृतियों को प्रोत्साहन और बाज़ार तो दूसरी तरफ ग्रामीण हुनर को सम्मान मिला l स्वयं सहायता समूह से जुडी ग्रामीण महिलाओं के हुनर, आत्मनिर्भरता और स्वावलंबन के विविध रंगों का समावेशन भी सरस मेला में प्रदर्शित हुआ l  अंत में अगत अतिथियों को स्मृति चिन्ह जीविका दीदियों ने समर्पित किया l धन्यवाद ज्ञापन पवन प्रियदर्शी, परियोजना प्रबंधक, संचार, जीविका ने किया l

मंच संचालन  रूपम त्रिविक्रम ने किया lआठ दिनों तक चले बिहार सरस मेला से सात दिनों में लगभग ढाई करोड़ की खरीद-बिक्री हुई l दो लाख से  ज्यादा लोग आये l मेला में कैशलेश खरीददारी की भी व्यवस्था रही l आगंतुक ग्राहक सेवा केंद्र से रुपये की निकासी कर खरीददारी किये वहीँ क्रेता राशी अपने खाता में जमा करते रहे l मेला में स्वच्छता का खास ध्यान रखा गया था l वही, आई लव सरस और कई सेल्फी केन्द्रों पर लोग खरीददारी के साथ ही फोटोग्राफी भी करते रहे lबिहार सरस मेला के द्वितीय संस्करण का आयोजन गाँधी मैदान, पटना में 15 दिसंबर से 29 दिसंबर 23 को प्रस्तावित है।

किसान तो किसान ही रहेगा?

Nationalist Bharat Bureau

यादें ब्रिगेडियर मोहम्मद उस्मान की

Nationalist Bharat Bureau

चाटुकारिता की पराकाष्ठा

Nationalist Bharat Bureau

बेगूसराय में बवाल: झुग्गी-झोपड़ी के लोगों ने डीएम को बंधक बनाया

Nationalist Bharat Bureau

तालिबान के राज में टीवी एंकर सड़क पर खाना बेचने पर मजबूर

समाज सुधार अभियान के बैनर तले युवा संवाद का आयोजन

ओमप्रकाश चैटाला के निधन पर राजद ने संवेदना प्रकट की

Nationalist Bharat Bureau

उर्दू की मशहूर शायरा ज़ीनत शेख समेत कई लोग ‘साहित्य और समाज सेवा सम्मान-2026’ से सम्मानित

Nationalist Bharat Bureau

मिथिला राज्य की मांग होते ही कई लोग हड़बड़ा जाते हैं

Nationalist Bharat Bureau

नॉर्मलाइजेशन के खिलाफ प्रदर्शन पर लाठीचार्ज, तेजस्वी यादव ने सरकार पर साधा निशाना

Leave a Comment