बिहार के अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में इस वर्ष 1076 पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इनमें जिला अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी के 6 और प्रखंड अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी के 487 पद शामिल हैं, जिनकी बहाली के लिए बिहार लोक सेवा आयोग को अनुशंसा भेजी जा चुकी है। इसके अलावा निम्नवर्गीय लिपिक (मुख्यालय एवं निदेशालय) के 8, क्षेत्रीय सेवा के 14, बिहार समाहरणालय के 524 तथा 37 छात्रावास प्रबंधक पदों पर नियुक्ति के लिए बिहार राज्य कर्मचारी चयन आयोग को भी प्रस्ताव भेजा गया है। मंत्री मो. जमा खान ने बताया कि नियुक्तियां पूरी होने के बाद अगले वित्तीय वर्ष से सभी प्रखंडों में विभागीय कार्यालयों का संचालन शुरू किया जाएगा। फिलहाल 44 प्रखंडों में ही प्रखंड कल्याण पदाधिकारी तैनात हैं।
मंत्री ने कहा कि सच्चर कमेटी की सिफारिशों के आधार पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में अल्पसंख्यक समाज के विकास के लिए व्यापक कदम उठाए गए हैं। उन्होंने बताया कि मदरसों के आधुनिकीकरण को गति दी गई है और पहले चरण में 75 मदरसों में स्मार्ट क्लास शुरू की जाएगी, जिसे आगे सभी मदरसों तक विस्तारित किया जाएगा। इन स्मार्ट क्लास में समाज विज्ञान, गणित समेत अन्य विषयों की आधुनिक तरीके से पढ़ाई होगी। साथ ही कब्रिस्तानों की घेराबंदी, 50 छात्रावासों का संचालन, तलाकशुदा महिलाओं को सहायता, राज्य कोचिंग योजना और मुख्यमंत्री विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना के तहत भी कार्य किए जा रहे हैं।
विभाग के सचिव सोहैल ने बताया कि फिलहाल दो अल्पसंख्यक विद्यालय संचालित हैं और 22 निर्माणाधीन हैं। इस वर्ष कटिहार, मुजफ्फरपुर, जमुई, कैमूर और नालंदा सहित पांच जिलों में नए विद्यालयों में 9वीं से 12वीं तक की पढ़ाई शुरू की जाएगी। प्रेस कॉन्फ्रेंस में शिया एवं सुन्नी वक्फ बोर्ड तथा राज्य हज कमेटी के पदाधिकारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने कहा कि इन पहलों के जरिए अल्पसंख्यक समुदाय के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार प्रतिबद्ध है।

