Nationalist Bharat
Other

राज्य अधिवक्ता संघ के रवैये से ख़फ़ा अधिवक्ताओं ने बनाया बिहार युवा अधिवक्ता संघ

बिहार युवा अधिवक्ता संघ ने तात्कालिक समस्याओं के आलोक में बिहार राज्य अधिवक्ता संघ (Bihar State Bar Council) को पत्र लिखकर अवगत कराया और समाधानार्थ अपनी कुछ मांग भी रखी है। अपने पत्र में कोविड सेकंड वेव के दौरान जिला न्यायालयों की पूर्ण बंदी पर अपनी गहरी आपत्ति जतायी

 

पटना:कोविड काल में जिला अदालतों की पूर्ण बंदी की मार और बिहार राज्य अधिवक्ता संघ के इस दौरान उदासीन रवैये से तंग आकर 25 मई 2021 को बिहार के विभिन्न जिलों के युवा अधिवक्ताओं ने जूम मीटिंग के ज़रिए “बिहार युवा अधिवक्ता संघ” की स्थापना की है। सूबे में युवा अधिवक्ताओं की दयनीय स्थिति के सुधार हेतु ऐसी राज्य-स्तरीय संगठन की आवश्यकता पहले से ही महसूस की जा रही थी।बिहार युवा अधिवक्ता संघ ने तात्कालिक समस्याओं के आलोक में बिहार राज्य अधिवक्ता संघ (Bihar State Bar Council) को पत्र लिखकर अवगत कराया और समाधानार्थ अपनी कुछ मांग भी रखी है। अपने पत्र में कोविड सेकंड वेव के दौरान जिला न्यायालयों की पूर्ण बंदी पर अपनी गहरी आपत्ति जतायी और बताया कि इससे आम नागरिकों के जीवन के मूल संवैधानिक अधिकार का हनन तो हुआ ही है साथ ही इसके कारण उनके अपने मुवक्किल (क्लाइंट) के साथ रिश्ते भी खराब हुए हैं क्योंकि इस दौरान जमानत नहीं हो रहे थे जबकि बिहार पुलिस ने धड़ल्ले से गिरफ्तारियाँ जारी रखी।युवा संघ ने कोविड काल में बिहार राज्य अधिवक्ता संघ की उदासीनता पर भी अफ़सोस जताया और कहा कि देश के अन्य राज्यों के बार काउन्सिल ने जहां अपने अधिवक्ताओं के लिए राहत व सहायता हेतु अलग (Covid Dedicated) अस्पताल से लेकर ऑक्सीजन सिलेंडर मुहैया कराया था और आर्थिक मदद भी की थी। वहीं बिहार में अधिवक्ता असहाय अवस्था में अपने व अपने परिजनों की मौत का सामना किया। युवा संघ ने इस बात पर ज़ोर दिया कि पुरानी बातों को भूलते हुए नयी शुरुआत करने की जरूरत है और इस आलोक में युवा संघ ने हालत में सुधार हेतु कई मांगे रखी हैं जिसमें कोविड के कारण अपने प्राण गंवाने वाले सभी अधिवक्ताओं को “कोरोना वौरीयर” की उपाधि प्रदान करना।ऑनलाइन माध्यम का अधिकतम लाभ लेते हुए अदालतों में आवश्यक के साथ साथ सामान्य मुक़दमों की भी यथासंभव सुनवायी करवाना।ख़ास तौर पर वरिष्ठ अधिवक्ताओं का तकनीकी कौशल बढ़ाने हेतु सभी ज़िला बार संघों में ट्रेनिंग कराना ताकि उनको ऑनलाइन कोर्ट सुनवायी में दिक़्क़त ना हो।सभी कोविड के कारण गति प्राप्त हुए अधिवक्ता व उनके परिजन जिनकी मृत्यु हुई है उनको मुआवजा राशि प्रदान की जाए।सभी अधिवक्ता (सीनियर भी) के लिए प्रतिमाह Rs 5,000/- या अधिक की क्षतिपूर्ति राशि अदालतों के बंद होने की तिथि से लेकर जबतक अदालत पूरी तरह काम नहीं करने लगते तबतक प्रदान की जाए।इसके साथ साथ युवा संघ ने ये सुझाव भी दिया की PMCARES के मार्फ़त एक अधिवक्ता वेलफ़ेयर फंड का निर्माण हो जिसमें समाज के सभी व्यक्ति अधिवक्ताओं के कल्याणार्थ दान कर सके जिसका इस्तेमाल अधिवक्ताओं के कल्याण हेतु किया जाए।

हमलोग किसी को तोड़ते नहीं हैं,आप जो बोइएगा वही काटिएगा:आरसीपी सिंह

बिहार सरस मेला 12 दिसंबर से,तैयारियां अंतिम चरण में,अभिलाषा शर्मा ने लिया तैयारियों का जायज़ा

Nationalist Bharat Bureau

राहुल गांधी के नेतृत्व से क्षेत्रीय नेता खुश नहीं: JDU

अबू धाबी ग्रैंड प्रिक्स फिनाले रेस 2024 में भाग लेंगी श्रद्धा कपूर

फवाद की ‘द लीजेंड ऑफ मौला जट्ट’ विरोध के बीच 30 तारीख को रिलीज होगी

Nationalist Bharat Bureau

पारस एचएमआरआई अस्पताल में मेगा स्वास्थ्य शिविर का आयोजन

Nationalist Bharat Bureau

भगवान किसी लड़की को हैवानों के घर पैदा ना करे

जदयू संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेन्द्र कुशवाहा से मिले पटना महानगर काँग्रेस अध्यक्ष शशिरंजन यादव

बालूशाही नगरी

बजट सत्र में तय होगा कमलनाथ सरकार का भविष्य

Leave a Comment