Nationalist Bharat
विविधशिक्षा

सिर्फ बेटियां ही नहीं बेटे भी पराए होते हैं

दौड़ती भागती जिंदगी और जीवन में कुछ नया करके समाज गांव और देश में नाम ऊंचा करने की ललक हर एक मनुष्य में होती है। जन्म से लेकर मृत्यु तक संघर्ष करते मनुष्य का जीवन कैसे गुजरता है इसकी बानगी समय-समय पर देखने को मिलती है। यह जो तस्वीर आप देख रहे हैं वह तस्वीर आजकल इंटरनेट की दुनिया में धमाल मचाए हुए है। तस्वीर दरअसल भविष्य की तलाश में अपनी आलीशान जिंदगी छोड़कर एक कमरे में बंद उस छात्र की है जो अपना भविष्य बनाने के लिए दिन रात पढ़ाई करता है और पेट भरने के लिए खुद के बनाए हुए खाना खाता है। यह कहानी और इस तरह की तस्वीर कोई नहीं नहीं है। ऐसी तस्वीरें बहुत से मिल जाएंगे जिसमें पढ़ाई करते हुए बच्चे अपनी दिनचर्या के काम करते हुए दिखाई देंगे। आपको बहुत सारी ऐसी तस्वीरें भी देखने को मिलेंगे जिसमें छात्र बहुत ही परेशानी के आलम में अपनी पढ़ाई पूरी करते हुए दिखाई देते हैं। यह सब बात उस छात्र के परिवारिक आर्थिक बात पर निर्भर करते हैं कि उन्हें किस तरह की सहुलत मिल रही है। इसके विपरीत यह तस्वीर आप देख रहे हैं तस्वीर दरअसल कविता के साथ सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। इस तस्वीर को शेयर करने वालों ने कविता के द्वारा जानने की कोशिश की है। इस तस्वीर को लगाने के साथी कविता संलग्न की गई है जिसका शीर्षक है सिर्फ बेटियां ही नहीं बेटे भी पराए होते हैं। इस कविता में पढ़ाई की खातिर अपनों से दूर रहने वाले बच्चों की जीवन शैली का चित्रण किया गया है और दिखाया गया है कि कई ऐसे मौके पर जब एक लड़के को जरूरत होती है तो वह भी परंपरागत तरीके से हटकर अपना जिंदगी गुजारने के लिए सभी वह काम करता है जिसकी उसे जरूरत महसूस होती है। खाना बनाने से लेकर बर्तन धोने तक कपड़ा धोने से लेकर घर की सफाई तक हर वह काम जो घर में औरतें करती हैं माताएं करती हैं बहने करती हैं पत्नियां करती हैं वो हर काम जरूरत पड़ने पर एक मर्द एक छात्र भी करता है। इस कविता के माध्यम से मनुष्य की दिनचर्या और उसकी बेबसी से लेकर उसकी कार्यशैली तक का बहुत ही खूबसूरती से चित्रण किया गया है। यही वजह है कि आजकल इंटरनेट मीडिया पर यह तस्वीर और कविता धूम मचा रही है। आइए आप भी पढ़िए वह कविता जिसके माध्यम से एक लड़के के जीवन का खूबसूरत अंदाज में चित्रण किया गया है।यह उन बेटों के लिए जो घर की जिम्मेदारियों की वजह से घर से दूर रहते हैं और वह मजबूत बनते रहते हैं जमाने के सामने।सिर्फ बेटियां ही नहीं साहब बेटे भी घर छोड़ जाते हैं।

 

उठकर पानी तक ना पीने वाले…!
आज अपने कपड़े खुद धो लेते हैं,वह जो कल तक घर के लाडले थे आज अकेले में रोते हैं !
सिर्फ बेटियां ही नहीं बेटे भी पराए होते हैं।
पापा के डांटने पर मम्मी को शिकायत लगाने वाले अब जमाने के नखरे सहते हैं !
खाने में सौ नखरे करने वाले अब कुछ भी खा लेते हैं।
मम्मी के बाजू पर सर रखकर सोने वाले अब बगैर बिस्तर के ही सो लेते हैं !
बहन को छोटी-छोटी बात पर तंग करने वाले अब बहन को याद करके रोते हैं
सिर्फ बेटियां ही नहीं बेटे भी पराए होते हैं !

मध्य प्रदेश: देश में फिर नंबर-1 पर रहा मध्य प्रदेश, केन्द्र सरकार की इस योजना में मार ली बाजी

cradmin

IAS और उनके ड्राइवर दोनों की बेटी एक साथ बनी जज

हिना खान का ये दिलकश अंदाज बना रहा है फैन्स को दीवाना

Nationalist Bharat Bureau

बिहार सरस मेला में हस्तशिल्प की भारी मांग

Nationalist Bharat Bureau

कौन करेगा विधानसभा चुनाव में एनडीए का नेतृत्व,नीतीश कुमार या ….

Nationalist Bharat Bureau

दर्जनों गांवों के हजारों लोगों की ज़िंदगी चचरी पुल पर निर्भर

CTET Result 2023 Declared: सीबीएसई सीटेट रिजल्ट हुआ जारी, 6 लाख से अधिक पास

Nationalist Bharat Bureau

वो 10 फैसले जिसने न्यायमूर्ति डी. वाई. चंद्रचूड़ के कार्यकाल को महत्वपूर्ण और न्यायिक प्रणाली में सुधारों के लिए स्मरणीय बना दिया।

फिल्म निर्माता और निर्देशक श्याम बेनेगल का निधन

Nationalist Bharat Bureau

राजद कार्यालय में डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की पुण्यतिथि तथा बाबरी मस्जिद शहादत दिवस मनाया गया

Leave a Comment