Nationalist Bharat
विविध

बेहराम ठग : पीले रुमाल से गला घोंटकर की सैकड़ो हत्याए

दुनिया में समय समय पर विश्व के कोने कोने में अनेक दुर्दांत और खतरनाक हत्यारों के बारे में जाना या सुना गया है। जिन्होंने अपने शिकार की काफी वीभत्स और क्रूर तरीके से हत्या करी है लेकिन क्या आप विश्वास करेंगे की दुनिया में एक हत्यारा ऐसा भी था जिसने मात्र एक पीले रुमाल से सैकड़ों हत्याए करी । आज हम आपको ऐसे ही एक कातिल के बारे में बताने जा रहे है जिसे दुनिया के सबसे क्रूर ठग का खिताब हासिल था।

मुगल साम्राज्य के समाप्ति के बाद दिल्ली से लेकर ग्वालियर और जबलपुर तक मौत और लूट का खौफ फैलाने वाले को दुनिया ‘बेरहम’ ठग के नाम से जानती है। जिसका नाम बेहराम था जो ठगों में सबसे खतरनाक था। जब तक बेहराम जिंदा था लोगों ने दिल्ली से लेकर ग्वालियर और जबलपुर के रास्ते से चलना बंद कर दिया था। वो ज्यादातर व्यापारियों के काफिले को अपना निशाना बनाता था। बेहराम के गिरोह की वजह से हजारों लोग गायब हो रहे थे। कराची, लाहौर, मंदसौर, मारवाड़, काठियावाड़, मुर्शिदाबाद के व्यापारी बड़ी तादाद में रहस्यमय परिस्थितियों में अपने पूरे के पूरे काफिलों के साथ गायब थे। तवायफ, नई-नवेली दुल्हनें या फिर तीर्थयात्री इन गिरोहों ने किसी को नहीं छोड़ा। सबसे हैरानी की बात ये थी कि पुलिस को इन लगातार गायब हो रहे लोगों की लाश तक नहीं मिलती थी।

 

1765-1840 तक बेहराम का आतंक रहा।  बेहराम पैसे के लिये निशाना बनाता था और उसका हथियार होता था रूमाल। सिर्फ एक पीले रूमाल से वह कई लोगों को मार दिया करता था। खून उसे पसंद नहीं था, इसलिए गला घोंटकर हत्या करने में यकीं करता था। बेहराम ने एक नहीं, दो नहीं, दो सौ नहीं तीन सौ नहीं पूरे 931 लोगों को मौत के घाट उतारा था। बेहराम ठग ने गिरफ्तार होने के बाद खुलासा किया कि उसके गिरोह ने पीले रूमाल से पूरे 931 लोगों को मौत के घाट उतारा है। उसने खुद 150 लोगों के गले में रूमाल बांधकर हत्या की है। स्लीमैन के वंशजों के पास वह रूमाल आज भी है।

 

ठग मरे हुये लोगों की लाशों के घुटने की हड्डी तोड़ देते। लाशों को वहीं कब्रगाह बनाकर दबा दिया जाता था या फि‍र लाशों को पास के ही किसे सूखे कुएं या फिर नदी में फेंक देते थे। यही वजह थी कि लाश कभी नहीं मिलती थी। उसको 75 वर्ष की उम्र में पकड़ लिया गया। 1840 में उसको फांसी की सजा दी गई। कैप्टन स्लीमैन ने इस गिरोह के 1400 ठगों को फांसी दिलवाई। जबलपुर के जिस पेड़ों पर फांसी दे दी गई जबलपुर में ये पेड़ अभी भी है।

सरस मेला के प्रति लोग का बढ़ा आकर्षण,क्रेता और विक्रेताओं के बीच सेतु बना संवाद कार्यक्रम

Nationalist Bharat Bureau

Bridge Collapse:आखिर क्यों गिर रहे हैं पुल ?

बिहार सरस मेला का आगाज

Nationalist Bharat Bureau

प्रवासी भारतीय सम्मेलन का समापन सत्र में आज राष्ट्रपति इंदौर पहुंचे

cradmin

बिहार सरस मेला:फन जोन,पालना घर,सेल्फी जोन एवं बाइस्कोप आकर्षण के खास केंद्र बने

Nationalist Bharat Bureau

आज के दिन ही दिया गया था ‘तुम मुझे खून दो,मैं तुम्हें आजादी दूँगा’ का नारा

Nationalist Bharat Bureau

AAP के खिलाफ बीजेपी का नया नारा, ‘अब नहीं सहेंगे, बदल के रहेंगे’

हिना खान का ये दिलकश अंदाज बना रहा है फैन्स को दीवाना

Nationalist Bharat Bureau

“स्वस्थ शरीर, स्वस्थ मन” – रोटरी पटना मिडटाउन और सवेरा कैंसर अस्पताल ने आयोजित किया ज़ुम्बा सत्र

Nationalist Bharat Bureau

Leave a Comment