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Bihar Teachers: एक झटके में चली गई बिहार के 95000 शिक्षकों की नौकरी,मचा हड़कंप

पटना:वर्षों से बिहार के विभिन्न विद्यालयों में गेस्ट टीचर के तौर पर अपनी सेवाएं देने वाले बिहार के लगभग 95000 शिक्षकों का भविष्य अब अंधकार में हो गया है। यानी उन्हें अब नौकरी से हटा दिया गया है। बिहार के सरकारी उच्च माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत अतिथि शिक्षकों की सेवा समाप्त कर दी गयी है। माध्यमिक शिक्षा निदेशक कन्हैया प्रसाद श्रीवास्तव ने इस संबंध में सभी जिला शिक्षा पदाधिकारी को आदेश जारी किया है। बता दें कि बिहार में अतिथि शिक्षकों की संख्या करीब साढ़े चार हजार है जिन्हें प्रति कार्य दिवस पर एक हजार रुपये पारिश्रमिक दिया जाता है। यह बात बिहार के शिक्षा विभाग के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी केके पाठक के द्वारा जारी किए गए एक आदेश के बाद साफ हो गई है कि बिहार के करीब 95 हजार गेस्ट टीचर की नौकरी खत्म हो गई है। एसीएस केके पाठक के निर्देश पर शिक्षा विभाग ने राज्य के सभी अतिथि शिक्षकों को हटाने का समय निर्धारित कर दिया है। इसको लेकर बिहार माध्यमिक शिक्षा निदेशक कन्हैया प्रसाद श्रीवास्तव ने पत्र जारी कर सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को दिया है। केके पाठक के द्वारा जारी पत्र में शास्त्र पर कहा गया है कि 1 अप्रैल 2024 से ऐसे गेस्ट टीचरों की सेवाएं नहीं ली जाएगी अर्थात जो पहले से कम कर रहे गेस्ट टीचर हैं उन्हें अब नौकरी से हाथ धोना पड़ेगा।

दरअसल, बिहार में फिलहाल कक्षा 9वीं और 10वीं के लिए 37847 और कक्षा 11वीं और 12वीं के लिए के छात्र-छात्राओं को पढ़ाने के लिए 56891 अतिथि शिक्षकों की सेवा सरकार द्वारा ली जा रही थी। बिहार में शिक्षक बहाली की प्रक्रिया संपन्न होने तक शिक्षा विभाग ने राज्यभर में कुल 94738 गेस्ट टीचर को मानदेय के आधार पर नियुक्त किया था। कैसे पाठक के पत्र के अनुसार अब बिहार में शिक्षकों की बड़े पैमाने पर बहाली हो चुकी है और वह अपनी सेवाएं दे रहे हैं ऐसी स्थिति में गेस्ट टीचरों को नौकरी में रखना संभव नहीं है इसलिए उन्हें उनके सेवा से मुक्त करने की कार्रवाई की गई है।

शिक्षा विभाग द्वारा जारी पत्र

अब जब राज्य में बड़ी संख्या में शिक्षकों की बहाली हो गई है और अभी और भी शिक्षक बहाल किए जाने हैं तो शिक्षा विभाग ने राज्य से विभिन्न स्कूलों में तैनात अतिथि शिक्षकों को हटाने का फैसला लिया है। शिक्षा विभाग के एसीएस केके पाठक के निर्देश पर माध्यमिक शिक्षा निदेशक कन्हैया प्रसाद ने पत्र जारी कर सभी जिलों के डीईओ को गेस्ट टीचर को हटाने का निर्देश जारी कर दिया है।

बिहार में बड़ी संख्या में शिक्षकों की बहाली होने का हवाला देते हुए विभाग ने कहा है कि 31 मार्च 2024 के बाद किसी भी हाल में अतिथि शिक्षकों से काम नहीं लिया जाए। विभाग ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारी को आदेश दिया है कि 1 अप्रैल 2024 से किसी भी अतिथि शिक्षक की सेवा नहीं लें और 3 अप्रैल तक सभी अतिथि शिक्षकों को हटाने की सूचना दें। शिक्षा विभाग के इस फैसले से करीब एक लाख अतिथि शिक्षकों में हड़कंप मच गया है।

माध्यमिक शिक्षा विभाग के निदेशक कन्हैया प्रसाद के द्वारा जारी किए गए पत्र में कहा गया है कि निदेशानुसार उपर्युक्त विषयक प्रासंगिक संकल्प संख्या-51 दिनांक 25.01. 2018 में किये गये प्रावधान के तहत राज्य के उच्च माध्यमिक विद्यालयों में निर्धारित पारिश्रमिक पर सेवा दे रहे अतिथि शिक्षकों की सेवा ली जा रही है। संदर्भित संकल्प में किये गये प्रावधानानुसार अतिथि शिक्षकों की सेवा शिक्षक नियोजन होने तक ली जानी है।

पत्र में कहा गया है कि वर्तमान में राज्य के कक्षा-09वीं-10वीं के लिए 37847 (सैंतीस हजार आठ सौ सैंतालीस) तथा कक्षा-11वीं-12वीं के लिए 56891 (छप्पन हजार आठ सौ इक्यानब्बे) अर्थात् उच्च माध्यमिक विद्यालयों में कुल-94738 (चौरानब्बे हजार सात सौ अड़तीस) शिक्षकों की नियुक्ति कर उन्हें विद्यालयों में पदस्थापित किया जा चुका है तथा वे विद्यालयों में कार्यरत हैं। वर्णित स्थिति में अतिथि शिक्षकों को सेवा में बनाये रखने की कोई आवश्यकता नहीं है।तदालोक में निदेश दिया जाता है कि राज्य के उच्च माध्यमिक विद्यालयों में विभागीय संकल्प संख्या 51 दिनांक 25.01.2018 में किये गये प्रावधान के तहत सेवा में लिये गये अतिथि शिक्षकों की सेवा दिनांक 01.04.2024 से किसी भी परिस्थिति में नहीं ली जाए। साथ ही यह भी निदेश दिया जाता है कि अपने स्तर से निम्नांकित प्रपत्र में आपके जिले में एक भी अतिथि शिक्षक के सेवा में नहीं होने का प्रमाण पत्र इस कार्यालय को दिनांक 03.04.2024 तक अनिवार्यतः उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।

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