हाजीपुर:विश्व प्रसिद्ध हरिहरक्षेत्र सोनपुर मेला की प्रसिद्धि विशेष रूप से पशु मेला के रूप में रही है। वर्षों पूर्व इस मेले में विभिन्न प्रकार के पशु लाखों की संख्या में पहुंचते थे। बिहार की कौन कहे, देश के कई सूबों से पशुपालक और खरीदार इस सोनपुर मेला में पहुंचते थे। लेकिन साल दर साल मेले में पहुंचने वाले पशुओं की संख्या कम होती गई। कई कारणों से अब सोनपुर मेले पूर्व की तरह पशुओं की आमद नहीं हो रही। स्थिति यह है कि मेला का उद्घाटन 13 नवंबर को हुआ, लेकिन उस दिन मात्र 02 हजार 486 पशु ही पहुंचे थे।
मेला उद्घाटन के दिन पहुंचे पशुओं के संबंध में अगर सरकारी आंकड़ों पर नजर डालें तो इस वर्ष मेले में हाथी और ऊंटों की संख्या शून्य है। इसका अर्थ यह है कि मेले में एक भी हाथी या ऊंट नहीं आया है। उसका दर्शन दुर्लभ है। इस वर्ष मेले के घोड़ा बाजार में रौनक दिखाई पड़ रही है। इस बार मेले में बिकने के लिए आए पशुओं में सर्वाधिक संख्या घोड़ों की ही है। बिहार ही नहीं देश के अलग- अलग राज्यों से घोड़ों की आमद हुई है। घोड़ा बाजार में घुड़दौड़ भी दर्शकों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। गायों का यहां सुख्यात बाजार लगा रहता था। पर, इस बार उक्त तिथि तक महज 20 गायों की उपस्थिति दर्ज की गई है, जिसमें फ्रिजियन -15, जर्सी 03 एवं देशी और अन्य की संख्या 02 है। ट्रेलर और शाहीवाल की उपस्थित इस बार नहीं है। पूरे बैल बाजार की बात करें तो इस बार कुल 50 बैल ही मेले में आ पाए हैं, जिसमें हरियाणवी बैलों की संख्या 36 है। मुर्रा भैंस की संख्या 06 है। देशी भैंस भी बिक्री के लिए नहीं दिख रहे हैं। बकरी और भेड़ 118 एवं विभिन्न नस्ल के 292 कुत्ते बिक्री के लिए आए हैं।
सारण के जिला पशु चिकित्सा पदाधिकारी डा. अब्दुल्ला ने पूछने पर बताया कि मेला पशु बाजार की रौनक फीकी पडऩे का कारण यह है कि अब पंजाब एवं हरियाणा से गायों एवं भैंसों की आमद होनी बंद हो गई है। ट्रैक्टर आदि अत्याधुनिक सुविधाओं के खेती में उपयोग से बैलों का आगमन भी प्रभावित हुआ है। इस मौके पर मेला प्रभारी डा. मुकेश सहाय, सह मेला प्रभारी डा विपिन कुमार, डा. आलोक कुमार, घोड़ा वार्ड के डाक्टर एवं मीडिया प्रभारी उदय कुमार, चलंत पशु चिकित्सालय के डा. ओम प्रकाश, बकरी वार्ड के डा. मुकेश कुमार आदि उपस्थित थे।
जिला पशुपालन पदाधिकारी डा. अब्दुल्ला ने बताया कि आगामी 17 नवंबर को सोनपुर मेला में विभागीय मंत्री रेणु देवी पशु एवं मत्स्य संसाधन मंत्री विभाग की प्रदर्शनियों का उद्घाटन करेंगी। विभाग के प्रधान सचिव एन विजय लक्ष्मी भी उपस्थित रहेंगी। इन्होंने बताया कि मेला में पशु व्यवसायियों के लिए आकस्मिक पशु चिकित्सा के लिए स्थानीय पशु चिकित्सालय में 24 घंटें की व्यवस्था की गई है। रात्रि सेवा में या आपातकालीन स्थिति के लिए डा. विजय प्रसाद मंडल की प्रतिनियुक्ति की गई है, जिनसे 9430947979 पर संपर्क कर सहायता प्राप्त की जा सकती है।

