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जीवीका ए. आई / एम एल ऐप लॉन्च ,डिजिटल सशक्तिकरण की ओर एक कदम

पटना:जीविका ने आज आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस एवं मशीन लर्निंग चैट-बोट एवं एप्लीकेशन, जिसका उद्देश्य बिहार के ग्रामीण महिलाओं के सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण को आगे बढ़ाना है। जीविका द्वारा आयोजित इस लॉन्च कार्यक्रम में विकास आयुक्त, प्रत्यय अमृत ने इन एप्लीकेशन का औपचारिक रूप से शुभारंभ किया। अपने मुख्य भाषण में उन्होंने इस परिवर्तन पर उत्साह व्यक्त किया और समुदाय की भागीदारी और सेवा वितरण को बढ़ाने में प्रौद्योगिकी की संभावनाओं को उजागर किया। साथ ही साथ जीविका के कार्यों को सराहना करते हुए जीविका परियोजना के विकास में हर संभव सहयोग प्रदान करने की बात कही |ग्रामीण विकास विभाग के सचिव, लोकेश कुमार सिंह ने विकास पहलों में प्रौद्योगिकी को एकीकृत करने के महत्व पर जोर दिया, जिससे कार्यक्षमता, पारदर्शिता, और समावेशिता में सुधार हो सके। उन्होंने सतत नवाचार और क्षमता निर्माण के प्रयासों को प्रोत्साहित किया, ताकि इन उपकरणों का सभी स्तरों पर प्रभावी उपयोग सुनिश्चित हो सके।जीविका के मुख्य कार्यपालक अधिकारी, हिमांशु शर्मा ने डिजिटल उपस्थिति और डेटा प्रबंधन के महत्व पर प्रकाश डाला, जो बिहार भर में प्रभावी सेवाओं के वितरण के लिए अनिवार्य है।जीविका की अतिरिक्त मुख्य कार्यपालक अधिकारी, अभिलाषा कुमारी शर्मा ने कार्यक्रम का समापन करते हुए इस प्रगति पर आशावाद व्यक्त किया और कहा कि ये नवाचार अन्य संगठनों के लिए एक मानक स्थापित करेंगे, जो सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण और ग्रामीण परिवर्तन के लिए कार्य कर रहे हैं।

जीविका के मुख्य अतिथि प्रत्यय अमृत, विकास आयुक्त द्वारा किया गया | जीविका कई वर्षों से विभिन्न विकास पहलों के माध्यम से ग्रामीण परिवारों के उत्थान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। जीविका की अतिरिक्त मुख्य कार्यपालक अधिकारी, अभिलाषा कुमारी शर्मा एवं कार्यक्रम समन्वयक, जीविका,महुआ रॉय चौधरी .राज्य परियोजना प्रबंधक, प्रबंधन सूचना प्रणाली, प्रेम प्रकाश ने जीविका के इन-हाउस डिजिटल एप्लीकेशन प्रस्तुत किए और संचालन क्षमता और डेटा पहुंच को बढ़ाने के लिए डिज़ाइन किए गए नए एआई/एमएल-संचालित अनुप्रयोगों का परिचय दिया। इनमें शामिल हैं: ईआरपी, जो खरीद, वित्त और इन्वेंट्री मॉड्यूल्स का प्रबंधन करने वाला एक मजबूत प्रणाली है; DOC AI, एक इंटरएक्टिव बॉट जो दस्तावेज़ खोज को सरल और सुव्यवस्थित बनाता है; Web AI, एक चैटबॉट जो वेब पोर्टल पर जानकारी तक त्वरित पहुंच प्रदान करता है; SMART दीदी, जो जीविका से संबंधित पहलों के लिए एआई-संचालित चैटबॉट है; और CLF 360 डैशबोर्ड, जो सीएलएफ स्तर पर सभी पहलों के डेटा तक केंद्रीकृत पहुंच प्रदान करने वाला व्यापक प्लेटफ़ॉर्म है।ये उन्नत उपकरण ग्रामीण समुदायों को सशक्त बनाने और प्रभावशाली सेवा वितरण को आगे बढ़ाने के लिए अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग करने की जीवीका की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।ये एप्लीकेशन जीविका की इस प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं कि वह उन्नत तकनीक का उपयोग करके कृषि, गैर-कृषि, स्वास्थ्य, पोषण, और सामाजिक विकास पहलों के प्रभाव को सशक्त बनाएगी। इन समाधानों के साथ, जीविका सटीकता के साथ प्रगति की निगरानी करने और बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों में प्रभावी सेवा वितरण सुनिश्चित करने के लिए सक्षम है।नियमित क्षमता निर्माण सत्र आयोजित किए जाएंगे, ताकि जीविका के कर्मचारी और सामुदायिक कैडर इन डिजिटल एप्लीकेशन का अधिकतम उपयोग कर सकें। इन सत्रों का उद्देश्य डेटा और तकनीक को जीविका के हर परियोजना का अभिन्न अंग बनाना है, जिससे रोजमर्रा की गतिविधियों में इसकी भूमिका मजबूत हो सके।

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