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बिहार में राजनीतिक विवाद: राजद नेत्री सारिका पासवान पर अभद्र टिप्पणी को लेकर बवाल

पटना:बिहार की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। राजद (राष्ट्रीय जनता दल) की प्रवक्ता और नेत्री सारिका पासवान पर की गई कथित अभद्र टिप्पणी को लेकर भारी हंगामा मचा हुआ है। भूमिहार ब्राह्मण एकता मंच के अध्यक्ष आशुतोष कुमार द्वारा की गई इस टिप्पणी के विरोध में राजद कार्यकर्ताओं और दलित संगठनों ने तीव्र नाराजगी जताई है।

 

सारिका पासवान ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि यह टिप्पणी न केवल व्यक्तिगत अपमान है, बल्कि यह समाज के एक वर्ग की गरिमा को भी ठेस पहुंचाने वाला है। पासवान ने इसे महिला और दलित विरोधी मानसिकता का उदाहरण बताया है।

 

प्रकरण के तूल पकड़ते ही भूमिहार ब्राह्मण एकता मंच के अध्यक्ष आशुतोष कुमार ने सार्वजनिक रूप से खेद प्रकट किया।उन्होंने अपने बयान को “भावनाओं में बहकर दिया गया” बताते हुए खेद प्रकट किया। आशुतोष ने कहा, “मेरा उद्देश्य किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था। यदि मेरे शब्दों से किसी को ठेस पहुंची है तो मैं खेद प्रकट करता हूँ।”

 

इस मामले को लेकर बिहार की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। राजद ने इसे सामाजिक न्याय और महिला सम्मान का मुद्दा बताया है। पार्टी प्रवक्ता मनोज झा ने कहा, “हमारी पार्टी महिला और दलित अधिकारों की प्रबल समर्थक रही है। इस प्रकार की टिप्पणियाँ बर्दाश्त नहीं की जाएंगी।”

 

वहीं, भाजपा और अन्य विपक्षी दलों ने इस विवाद को लेकर सतर्क प्रतिक्रिया दी है। कुछ नेताओं ने आशुतोष के खेद प्रकट करने को पर्याप्त बताया है, जबकि कुछ ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

 

पुलिस ने शिकायत दर्ज कर ली है और मामले की जांच प्रारंभ कर दी गई है। सूत्रों के अनुसार, अगर प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित धाराओं के अंतर्गत आशुतोष कुमार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

 

इस विवाद ने बिहार की जातीय और राजनीतिक समीकरणों को फिर से चर्चा में ला दिया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे का राजनीतिक असर कितना गहरा होता है।

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