कांग्रेस शासित कर्नाटक सरकार की ओर से कराए गए एक आधिकारिक सर्वे में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) को लेकर जनता का मजबूत भरोसा सामने आया है। 2024 लोकसभा चुनाव के बाद कराए गए इस अध्ययन में 83.61 फीसदी लोगों ने ईवीएम पर भरोसा जताया, जबकि करीब 69 फीसदी प्रतिभागियों ने माना कि ईवीएम चुनाव परिणामों को सही तरीके से दर्शाती हैं। यह सर्वे 5,100 नागरिकों के बीच राज्य के 102 विधानसभा क्षेत्रों में कराया गया, जिसमें बेंगलुरु, बेलगावी, कलबुर्गी और मैसूर प्रशासनिक क्षेत्र शामिल थे।
सर्वे के आंकड़ों के अनुसार, कलबुर्गी क्षेत्र में ईवीएम पर सबसे अधिक भरोसा दर्ज किया गया, जहां 94 फीसदी से ज्यादा लोगों ने इसे विश्वसनीय माना। मैसूर और बेलगावी में भी बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने ईवीएम के पक्ष में राय दी। बेंगलुरु में पूर्ण सहमति का प्रतिशत अपेक्षाकृत कम रहा, लेकिन वहां भी बहुमत ने ईवीएम को भरोसेमंद बताया। यह सर्वे कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी वी. अनबुकुमार के निर्देशन में कराया गया था।
सर्वे रिपोर्ट सामने आने के बाद भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक ने कहा कि राहुल गांधी वर्षों से ईवीएम और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर सवाल उठाते रहे हैं, लेकिन कर्नाटक का यह सर्वे उनकी बातों को पूरी तरह खारिज करता है। भाजपा नेताओं ने इसे राहुल गांधी के आरोपों पर “करारा तमाचा” बताया। साथ ही, भाजपा ने कर्नाटक सरकार द्वारा स्थानीय निकाय चुनावों में बैलेट पेपर की वापसी के फैसले की भी आलोचना करते हुए कहा कि जब जनता ईवीएम पर भरोसा कर रही है, तब सरकार पुराने और विवादित तरीकों की ओर लौट रही है।

