Nationalist Bharat
स्वास्थ्य

कफ सिरप कांड के बाद सख्त हुई सरकार: अब फार्मा कंपनियों को हर हाल में करना होगा क्वालिटी अपग्रेड

कफ सिरप कांड के बाद सख्त हुई सरकार: अब फार्मा कंपनियों को हर हाल में करना होगा क्वालिटी अपग्रेड

नई दिल्ली। देश में घटिया दवाओं के कारण बच्चों की मौत के बाद भारत सरकार ने अब फार्मा उद्योग पर बड़ी कार्रवाई की तैयारी कर ली है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्पष्ट कर दिया है कि सभी दवा निर्माण इकाइयों को दिसंबर 2024 तक अपनी उत्पादन इकाइयों को “गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिसेज़ (GMP)” के अनुरूप अपग्रेड करना अनिवार्य होगा। जिन कंपनियों ने अब तक इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए हैं, उन्हें लाइसेंस रद्द होने का खतरा झेलना पड़ सकता है। सरकार का यह कदम हाल के कफ सिरप कांड के बाद आया है, जिसमें दर्जनों बच्चों की मौत के लिए भारत निर्मित सिरप को जिम्मेदार ठहराया गया था। यह घटना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की दवा उद्योग की साख को गहरा झटका देने वाली साबित हुई थी।

स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, देश में करीब 8,000 फार्मा कंपनियां सक्रिय हैं, जिनमें से एक बड़ी संख्या अब भी पुराने मानकों पर काम कर रही है। इन कंपनियों में स्वच्छता, गुणवत्ता नियंत्रण और परीक्षण प्रक्रियाओं में भारी खामियां पाई गईं। मंत्रालय ने साफ कहा है कि अब “जीरो टॉलरेंस” की नीति अपनाई जाएगी। इसके तहत निरीक्षण टीमों को राज्यों में भेजा जाएगा, जो उत्पादन इकाइयों की निगरानी करेंगी। जिन इकाइयों में मानक अनुपालन नहीं मिलेगा, उनके खिलाफ त्वरित कार्रवाई की जाएगी। विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम भारत को “फार्मेसी ऑफ द वर्ल्ड” की विश्वसनीयता वापस दिलाने में मदद करेगा। साथ ही, यह सुनिश्चित करेगा कि भारत में बनी कोई भी दवा घरेलू या अंतरराष्ट्रीय बाजार में गुणवत्ता के नाम पर सवालों के घेरे में न आए।

फार्मा उद्योग के जानकारों ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है, लेकिन साथ ही यह भी कहा है कि छोटे और मध्यम स्तर की कंपनियों को तकनीकी व वित्तीय सहायता की जरूरत होगी। अपग्रेडेशन की प्रक्रिया में भारी निवेश और नई मशीनरी की जरूरत पड़ेगी, जो कई कंपनियों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकती है। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि अगर सरकार इस सुधार को चरणबद्ध और सहयोगात्मक तरीके से लागू करती है, तो यह भारत के औषधि उद्योग के लिए ऐतिहासिक मोड़ साबित होगा। इससे न सिर्फ देश में बनी दवाओं की गुणवत्ता बढ़ेगी, बल्कि वैश्विक बाजारों में भारत की स्थिति भी मजबूत होगी। कुल मिलाकर, सरकार का यह सख्त रुख स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में एक निर्णायक कदम है, जो आने वाले वर्षों में देश के स्वास्थ्य तंत्र को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और विश्वसनीय बनाएगा।

राहुल गांधी के नेतृत्व से क्षेत्रीय नेता खुश नहीं: JDU

मेयोनेज़: देखें कि क्या होता है यदि आप बहुत अधिक मेयोनेज़ खाते हैं

Nationalist Bharat Bureau

जनवरी 2025 से 4% तक महँगी हो जाएगी मारुति सुजुकी

कहानी पैथोलॉजी लैब के ग़लत रिपोर्ट की

Nationalist Bharat Bureau

जनता में भ्रम फैलाने के लिए गृहमंत्री के बयान को तोड़-मरोड़कर कर पेश रहा है विपक्ष: अशोक चौधरी

Nationalist Bharat Bureau

असम:हिमंत बिस्वा सरमा कैबिनेट में फेरबदल, चार नए मंत्रियों ने ली शपथ

स्लिप्ड डिस्क के मरीजों को सर्जरी से पहले यूनानी  इलाज कराना चाहिए: हकीम मुहम्मद शफ़ाअत करीम

Nationalist Bharat Bureau

गोवा के राज्यपाल ने कैंसर और डायलिसिस रोगियों को वित्तीय सहायता प्रदान की

सफाई कर्मियों के सम्मान, सुरक्षा व अधिकार के लिए चलेगा महाअभियान

Nationalist Bharat Bureau

Maharashtra New CM: कल सीएम पद की शपथ लेंगे फडणवीस, महायुति ने सरकार बनाने का दावा ठोका

Leave a Comment