बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। समस्तीपुर जिले के उजियारपुर प्रखंड स्थित नाजिरपुर स्वास्थ्य केंद्र पर मरीजों को एक्सपायरी दवाएं देने के गंभीर आरोप लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इलाज की उम्मीद लेकर आने वाले मरीजों को बिना तारीख जांचे दवाएं थमा दी जा रही हैं जिससे उनकी जान खतरे में पड़ सकती है।
मामला तब सामने आया जब कुछ मरीजों ने दवा के पैकेट पर दर्ज एक्सपायरी डेट देखी। ग्रामीणों का आरोप है कि जिन दवाओं की मियाद खत्म हो चुकी है वही दवाएं स्वास्थ्य केंद्र से वितरित की जा रही हैं। लोगों का कहना है कि यह सिर्फ लापरवाही नहीं बल्कि मरीजों की सेहत के साथ खुला खिलवाड़ है। गांव में डर का माहौल है और लोग किसी बड़े हादसे की आशंका जता रहे हैं।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि स्वास्थ्य केंद्र तय समय पर नहीं खुलता। सुबह से लाइन में खड़े बुजुर्ग महिलाएं और बच्चे घंटों इंतजार करने को मजबूर रहते हैं। इसके अलावा दवा वितरण के दौरान निर्धारित शुल्क से अधिक वसूली का आरोप भी लगाया गया है। हालांकि स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टर ने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा है कि दवाएं पूरी जांच के बाद ही दी जाती हैं। फिलहाल पूरा मामला चर्चा में है और लोग स्वास्थ्य विभाग से जांच और कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

