मदरसा नूरिया ताजुश शरिया बराही मोहन टोले फुलवरिया में छात्रों के लिए पुरस्कार प्रतियोगिता के मौके पर एक समारोह का आयोजन हुआ।
शिवहर/ सीतामढ़ी:मदरसा नूरिया ताजुश शरिया बराही मोहन टोले फुलवरिया में नात शरीफ, तकरीर और तजवीद पर एक इनामी समारोह का आयोजन हुआ।जिसमें शिक्षाविद, धार्म गुरु और सामाजिक हलकों की हस्तियों ने हिस्सा लिया । इस मौके पर बिहार स्टेट उर्दू टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष क़मर मिस्बाही ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा किसी भी इंसान और समाज के विकास, जागरूकता और सफलता की बुनियादी सीढ़ी है, जो इंसान को अज्ञानता के अंधेरे से निकालकर ज्ञान की रोशनी में लाती है।आगे क़मर मिस्बाही ने कहा कि छात्रों की काबिलियत को बढ़ाने और उन्हें बढ़ावा देने के लिए इनामी मुकाबले बहुत ज़रूरी हैं। ताकि बच्चों में आत्मविश्वास की भावना पैदा हो।उन्होंने आगे कहा कि इनामी मुकाबले सिर्फ इनाम जीतने के लिए नहीं होते, बल्कि ये स्टूडेंट की पर्सनैलिटी को बेहतर बनाने का एक बेहतरीन तरीका हैं।
संस्था के नाज़िमे आला मौलाना मुहम्मद मंसूर आलम अमजदी ने कहा कि स्टूडेंट्स की कामयाबी के लिए ऐसे धार्मिक इनामी मुकाबले ज़रूरत हैं।हाफ़िज़ ज़ाकिर हुसैन रिज़वी ने कहा कि आज के समय के हिसाब से मदरसों के सिलेबस में दूसरी भाषाओं को भी शामिल किया जाना चाहिए।शुरुआत हाफिज मुहम्मद रियाजुद्दीन ने कुरान की तिलावत से की और नात शरीफ दिलकश रजा,सरफराज आलम ने पेश किया।मंच संचालन हाफिज इश्तियाकुल कादरी ने की।पहले इनाम के विजेता नात शरीफ़ में आबिद रज़ा बिन मेराजुल हक़ अंसारी, भाषण में अर्श आज़म इब्न इम्तियाज़ अंसारी और तजवीद में मुहम्मद आदिल रज़ा बिन मौलाना अख्तर रज़ा थे। सभी स्टूडेंट्स को कंसोलेशन प्राइज़ दिए गए। सलातो सलाम के बाद मौलाना मुहम्मद सरफ़राज़ आलम की दुआ पर समारोह का अंत हुआ।
इस मौके पर मस्जिद के इमाम हाफ़िज़ गुलाम रसूल बरकाती, मौलाना साकिब रज़ा, हाफ़िज़ तबरेज़ आलम, मौलाना अख्तर रज़ा, हाफ़िज़ खुर्शीद आलम, मदरसे के सेक्रेटरी मुहम्मद ज़फ़ीर आलम, मास्टर मुहम्मद माहताब आलम अंसारी, मुहम्मद सद्दाम हुसैन आदि मौजूद थे।

