सीतामढ़ी/पटना:बिहार राज्य मदरसा शिक्षा बोर्ड ने सीतामढ़ी जिले के मदरसा रहमानिया, मेहसौल (मदरसा संख्या-49) में दो अलग-अलग पक्षों द्वारा गठित प्रबंध समितियों के विवाद पर गंभीरता दिखाई है। बोर्ड के सचिव अब्दुस सलाम अंसारी ने 30 दिसंबर 2025 को पत्रांक 1697 जारी कर जिला शिक्षा पदाधिकारी, सीतामढ़ी को निर्देश दिया है कि दोनों समितियों की स्थलीय जांच कराई जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि कौन-सी समिति बिहार राज्य गैर-सरकारी मान्यता प्राप्त अनुदानित मदरसा प्रबंध समिति गठन नियमावली, 2022 के प्रावधानों के अनुरूप गठित है।
पत्र में उल्लेख है कि मदरसा में दो पक्षों ने प्रबंध समिति गठित कर कागजात अनुमोदन के लिए बोर्ड को सौंपे हैं। प्रथम पक्ष के अध्यक्ष मो. कादिर एवं सचिव मो. जफर हाशमी हैं, जबकि द्वितीय पक्ष के अध्यक्ष हाजी अबुल हसन एवं सचिव डॉ. मो. जावेद हैं। बोर्ड ने जांच में भूमि के कागजात, कोटिवार सदस्यों के चयन और नियमों की अनुपालना की जांच कर रिपोर्ट यथाशीघ्र मंगाई है, ताकि आगे की कार्रवाई संभव हो सके।

इसके बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी, सीतामढ़ी ने 22 जनवरी 2026 को पत्रांक 31/ जारी कर प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, डुमरा को निर्देश दिया कि बोर्ड के पत्र की छाया प्रति संलग्न कर स्थलीय जांच अविलंब पूरी करें और रिपोर्ट उपलब्ध कराएं। जांच में मदरसा की भूमि दस्तावेज, समिति गठन प्रक्रिया और नियमावली का पालन जांचा जाएगा।

बताते चलें कि मदरसा शिक्षा बोर्ड के इस कदम से स्थानीय स्तर पर चर्चा शुरू हो गई है। मदरसा अनुदानित होने के कारण प्रबंध समिति का गठन नियमों के अनुसार होना अनिवार्य है, अन्यथा अनुदान और मान्यता प्रभावित हो सकती है। पिछले कुछ वर्षों में बिहार के विभिन्न मदरसों में प्रबंध समिति विवाद के मामले सामने आ चुके हैं, जहां चुनाव में अनियमितता, सदस्य चयन में गड़बड़ी या पक्षपात के आरोप लगे हैं। ऐसे विवाद शिक्षा की गुणवत्ता और अनुदान के सदुपयोग पर सवाल खड़े करते हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद बोर्ड द्वारा कौन-सी समिति को मान्यता मिलेगी, यह देखना होगा।

