पटना: बिहार के प्रसिद्ध सूफी केंद्र खानकाह मनेर शरीफ में हज़रत सुल्तान-उल-मख़दूमीन, शेख़ कमालुद्दीन अहमद यह्या मनेरी (रह.) के 757वें उर्स-ए-मुबारक का आयोजन 30 जनवरी, 31 जनवरी और 1 फरवरी 2026 को बड़े धूमधाम से होने जा रहा है। इस ऐतिहासिक उर्स की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए 17 जनवरी 2026 को एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
इस बैठक की अध्यक्षता खानकाह मनेर शरीफ के सज्जादा नशीन हज़रत सैयद शाह तारिक इनायतुल्लाह फिरदौसी ने की। बैठक में दानापुर के सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट, मनेर के सर्कल ऑफिसर, मनेर थाना प्रभारी, मनेर नगर परिषद के अध्यक्ष एवं सीईओ सहित जिले के वरिष्ठ अधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी और विभिन्न विभागों से जुड़े जिम्मेदार पदाधिकारी मौजूद रहे।

बैठक का मुख्य उद्देश्य उर्स-ए-मुबारक 2026 की तैयारियों की समीक्षा करना और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देना था। इस अवसर पर हज़रत सैयद शाह तारिक इनायतुल्लाह फिरदौसी ने उर्स मेले के दौरान स्वच्छता, शांति व सुरक्षा, आने-जाने की व्यवस्था, प्रकाश, पानी तथा ज़ाइरीन की सुविधाओं से संबंधित प्रशासन को आवश्यक निर्देश दिए।
उन्होंने जोर देकर कहा कि उर्स-ए-मुबारक केवल एक पारंपरिक आयोजन नहीं है, बल्कि आस्था, आदब, आध्यात्मिकता और सामाजिक सद्भाव की एक चमकदार मिसाल है, जिसमें हर वर्ग और हर धर्म के लोग भाग लेते हैं।

बैठक के बाद संबंधित अधिकारी दर्गाह परिसर और उर्स मेले के मैदान का स्थलीय निरीक्षण भी किया और उपलब्ध सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं की बारीकी से जांच की। प्रशासन की ओर से आश्वासन दिया गया कि उर्स-ए-मुबारक के दौरान ज़ाइरीन को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध और प्रभावी ढंग से पूरी की जाएंगी।
बता दें कि उर्स-ए-मुबारक के अवसर पर देश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में ज़ाइरीन मनेर शरीफ पहुंचते हैं। इस बैठक के माध्यम से चालू वर्ष के उर्स को और अधिक सुव्यवस्थित, शांतिपूर्ण एवं सफल बनाने के लिए आपसी सहयोग से ठोस कदम उठाए गए हैं।
यह उर्स बिहार की सूफी परंपरा और सांप्रदायिक सद्भाव का प्रतीक बना रहेगा, जहां लाखों श्रद्धालु हज़रत मनेरी (रह.) की दरगाह पर अपनी आस्था का इजहार करते हैं।

