बिहार के मधेपुरा में बच्चों के लिए दिया जाने वाला मध्यान्ह भोजन जहरीला साबित हुआ, जिससे सदर प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय कारू टोला, साहुगढ़ में हड़कंप मच गया। शनिवार दोपहर करीब डेढ़ बजे एमडीएम खाने के कुछ ही देर बाद 70 से अधिक बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। बच्चों में उल्टी, दस्त, पेट दर्द, घबराहट और बेचैनी की शिकायत सामने आई, जिससे विद्यालय परिसर में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही चार एंबुलेंस मौके पर पहुंचीं और सभी बीमार बच्चों को सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया।
सदर अस्पताल में एक साथ बड़ी संख्या में बच्चों के पहुंचने से करीब तीन घंटे तक अफरातफरी का माहौल रहा। रजिस्ट्रेशन काउंटर पर भारी भीड़ लग गई, लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत इलाज शुरू कराया। हालात को देखते हुए एक-एक बेड पर दो से तीन बच्चों को भर्ती कर उपचार किया गया। कक्षा आठ की छात्रा सुधा कुमारी की हालत गंभीर बताई गई, जिसे आईसीयू में भर्ती किया गया। प्राथमिक जांच में सामने आया कि मध्यान्ह भोजन में छिपकली गिरने के कारण बच्चे बीमार पड़े।
घटना की जानकारी मिलते ही परिजन घबराकर स्कूल और अस्पताल पहुंच गए। कई परिजन एहतियातन स्वस्थ बच्चों को भी अस्पताल लेकर आए। इलाज के बाद सभी बच्चों की हालत सामान्य होने पर उन्हें घर भेज दिया गया, जिससे परिजनों ने राहत की सांस ली। मामले को गंभीरता से लेते हुए शिक्षा विभाग ने तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है। जिला शिक्षा पदाधिकारी संजय कुमार ने बताया कि समिति को तीन दिनों में रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है। परिजनों ने स्कूल और एजेंसी की लापरवाही पर सवाल उठाते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
एमडीएम में फिर छिपकली
मध्यान्ह भोजन में छिपकली गिरने की पुष्टि हुई है। दूषित भोजन खाने के कारण बच्चों की तबीयत बिगड़ी। मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल इलाज के बाद बच्चों की हालत सामान्य होने पर सभी को घर भेज दिया गया है।— संजय कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी

