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जीविका की कहानी:महिला सशक्तीकरण और स्मार्ट प्रीपेड मीटर से बदली कहानी को सुनेंगे प्रधानमंत्री

पटना :बिहार में जीविका के माध्यम से महिला सशक्तीकरण और फिर स्मार्ट प्रीपेड मीटर से बिजली कंपनी की बदली कहानी अब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उपस्थिति में देश भर के मुख्य सचिव और आला अधिकारी एक साथ सुनेंगे। दिल्ली में पांच से सात जनवरी तक प्रधानमंत्री की उपस्थिति में होने वाले मुख्य सचिवों के सम्मेलन में इन दोनों विषयों पर बिहार का प्रेजेंटेशन होना है। देश भर के मुख्य सचिवों को यह दूसरा सम्मेलन है, जिसे प्रधानमंत्री संबोधित करने वाले हैं। पहला सम्मेलन पिछले वर्ष हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में हुआ था।
महिला सशक्तीकरण वाया जीविका : बिहार में महिला सशक्तीकरण का जीविका माडल खूब चर्चा में रहा है। गांव में कई जीविका समूह एक साथ सक्रिय हैं। आर्थिक गतिविधियों में इनकी सक्रियता जबरदस्त अंदाज में है। समूह की महिलाओं की आर्थिक गतिविधि इतनी तीव्र है कि ऋण भी दे रही। छोटे-छोटे व्यवसाय कर आत्मनिर्भर बन रही। गांवों में जीविका समूह ने देसी साहूकारों का धंधा खत्म कर दिया है। राज्य सरकार के स्तर पर समाज सुधार से जुड़े कार्यक्रमों में भी इनकी बड़े स्तर पर सहभागिता रही है। हाल के दिनों में जीविका समूह की दीदियों ने सामूहिक रूप से औद्योगिक गतिविधियों से भी अपने को जोड़ा है। बिहार के जीविका माडल की तर्ज पर ही केंद्र सरकार ने आजीविका शुरू किया था। बिहार के जीविका माडल को ग्रामीण क्षेत्र में आर्थिक निर्भरता के क्षेत्र में एक बड़ी पहल माना जाता है।
स्मार्ट प्रीपेड मीटर की बड़ी कहानी : स्मार्ट प्रीपेड मीटर को केंद्र सरकार ने पूरे देश में लागू किए जाने का निर्णय लिया हुआ है। बिहार को स्मार्ट प्रीपेड मीटर के मामले में पायोनियर माना जाता है। देश में जितने स्मार्ट प्रीपेड मीटर अब तक लगे हैं, उसमें 90 प्रतिशत से अधिक स्मार्ट प्रीपेड मीटर बिहार में लगे हैं। ऊर्जा मंत्रालय ने हाल ही में एक टीम बिहार मे भेजा था, जिसने यहां लगाए जा रहे स्मार्ट प्रीपेड मीटर की प्रक्रिया का अध्ययन किया था। संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक तो की ही थी, साथ ही उन उपभोक्ताओं से फीडबैक भी लिया था, जिनके घर स्मार्ट प्रीपेड़ लगे हैं। स्मार्ट प्रीपेड मीटर से बिजली कंपनी के राजस्व में आए परिवर्तन को भी बताया जाएगा।

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