केंद्र सरकार ने कर्ज के बोझ से जूझ रही टेलीकॉम कंपनी वोडाफोन आइडिया को बड़ी राहत दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने कंपनी के ₹87,695 करोड़ के एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (AGR) बकाये को फ्रीज करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह फैसला टेलीकॉम सेक्टर में प्रतिस्पर्धा बनाए रखने और कंपनी में सरकार की लगभग 49% हिस्सेदारी के मूल्य को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से लिया गया है।
कैबिनेट के फैसले के अनुसार, यह फ्रीज किया गया AGR बकाया तत्काल चुकाना नहीं होगा। भुगतान की नई समयसीमा वित्त वर्ष 2031-32 से 2040-41 (FY32–FY41) के बीच तय की गई है। यह राशि 31 दिसंबर 2025 की स्थिति के अनुसार फ्रीज मानी जाएगी। हालांकि, FY 2017-18 और 2018-19 से जुड़े AGR बकाये के भुगतान शेड्यूल में कोई बदलाव नहीं किया गया है, जिसे कंपनी को FY 2025-26 से FY 2030-31 के बीच चुकाना होगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से वोडाफोन आइडिया के कैश फ्लो में बड़ा सुधार होगा और कंपनी को नेटवर्क विस्तार, 5G रोलआउट और नए निवेश जुटाने में मदद मिलेगी। सरकार का यह कदम देश के टेलीकॉम बाजार को डुओपॉली बनने से रोकने की दिशा में अहम माना जा रहा है। हालांकि, कंपनी की दीर्घकालिक स्थिरता अब नए निवेश और ARPU (औसत प्रति उपभोक्ता राजस्व) बढ़ाने पर निर्भर करेगी।

