Union Budget 2026: भारतीय संसदीय इतिहास में पहली बार केंद्रीय बजट रविवार को पेश किया जाएगा। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी, रविवार को वर्ष 2026-27 का आम बजट संसद में रखेंगी। बजट सत्र की शुरुआत 28 जनवरी से होगी और यह 2 अप्रैल तक चलेगा। इस अनोखी तारीख ने सियासी और आर्थिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है। खासतौर पर पश्चिम बंगाल समेत आगामी चुनावी राज्यों को लेकर बजट में संभावित संकेतों पर चर्चा तेज हो गई है।
आर्थिक मोर्चे पर सरकार की स्थिति मजबूत मानी जा रही है। जीएसटी संग्रह लगातार ऊंचा बना हुआ है और दिसंबर 2025 में यह 1.75 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया था। वित्तीय एजेंसियों का अनुमान है कि इस वित्त वर्ष में भारतीय अर्थव्यवस्था 6.6 से 7.4 प्रतिशत की दर से बढ़ सकती है। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि बजट में व्यापार और निवेश को गति देने वाले कदमों की घोषणा होगी। हालांकि आम करदाताओं की सबसे बड़ी नजर आयकर राहत पर टिकी है। पिछले बजट में सरकार ने बुनियादी छूट सीमा बढ़ाकर चार लाख रुपये कर दी थी और 12 लाख रुपये तक की आय पर कर राहत दी थी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार मध्यम वर्ग को बड़ी अतिरिक्त कर छूट मिलने की संभावना कम है, लेकिन एक करोड़ रुपये से अधिक आय वाले ‘सुपर रिच’ वर्ग पर कर का बोझ बढ़ सकता है। वहीं किसानों के लिए कृषि उपकरण, खाद-बीज और प्रसंस्करण इकाइयों पर अतिरिक्त छूट की उम्मीद जताई जा रही है। खुदरा व्यापारियों ने भी ई-कॉमर्स के मुकाबले संरक्षण, सिंगल विंडो कंप्लायंस और अनावश्यक निरीक्षण से राहत की मांग की है। अब देखना होगा कि रविवार को पेश होने वाला यह ऐतिहासिक बजट आम आदमी की उम्मीदों पर कितना खरा उतरता है।

