लोकसभा में प्रतिपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मध्यप्रदेश के इंदौर स्थित भागीरथपुरा इलाके में दूषित पेयजल से फैले उल्टी-दस्त के प्रकोप और मौतों को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला है। शनिवार को पीड़ित परिवारों और अस्पताल में भर्ती मरीजों से मुलाकात के बाद उन्होंने कहा कि देश के सबसे स्वच्छ शहर में लोग दूषित पानी पीने को मजबूर हैं और यह हालात “सरकार की सीधी नाकामी” को दर्शाते हैं।
राहुल गांधी ने कहा कि स्मार्ट सिटी के नाम पर बड़े-बड़े दावे किए गए थे, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि इंदौर जैसे शहर में भी लोगों को पीने का साफ पानी नहीं मिल पा रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की लापरवाही के कारण लोगों की जान गई है और अब जिम्मेदारी लेने से बचा जा रहा है। गांधी ने सरकार से इस पेयजल त्रासदी की जवाबदेही तय करने और पीड़ित परिवारों को पर्याप्त मुआवजा देने की मांग की।
भागीरथपुरा में दिसंबर के अंत से उल्टी-दस्त का प्रकोप फैला हुआ है। स्थानीय लोगों का दावा है कि अब तक 24 लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि राज्य सरकार ने हाईकोर्ट में पेश रिपोर्ट में सात मौतों की पुष्टि की है, जबकि एक मेडिकल कॉलेज की डेथ ऑडिट रिपोर्ट में 15 मौतों के इस प्रकोप से जुड़े होने के संकेत मिले हैं। प्रशासन ने मानवीय आधार पर 21 मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी है।

