- कोई भी पीड़ित परिवार सहायता से वंचित न रहे, मुख्यमंत्री ने मानवीय दृष्टिकोण से लिया बड़ा निर्णय : संजय सरावगी
- ‘ब्यूल्ड बैक बेटर देन बिफोर’ की सोच से होगा प्रभावित क्षेत्रों का पहले से बेहतर पुनर्निर्माण : संजय सरावगी
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार बिहार के बाढ़ प्रभावित लोगों की चिंता कर रहे, केंद्र और राज्य सरकार मिलकर कर रही राहत कार्य : संजय सरावगी
- केंद्रीय टीम के दौरे से बाढ़ से हुई क्षति के आकलन और पुनर्निर्माण कार्यों को मिलेगी गति : संजय सरावगी
पटना: बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने बाढ़ प्रभावित परिवारों के बैंक खातों में आनुग्रहिक राहत राशि अंतरित किए जाने पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्णय की सराहना करते हुए इसे संवेदनशील और जनहितकारी पहल बताया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बाढ़ की इस कठिन घड़ी में प्रभावित लोगों के साथ मजबूती से खड़ी है और राहत, सहायता एवं पुनर्वास के कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जा रहा है।संजय सरावगी ने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को बाढ़ प्रभावित 8 लाख 27 हजार 472 परिवारों के बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से 579.23 करोड़ रुपये की आनुग्रहिक राहत राशि भेजने की प्रक्रिया शुरू की है। प्रत्येक प्रभावित परिवार को 7 हजार रुपये की सहायता उपलब्ध कराई गई है। यह निर्णय सरकार की संवेदनशीलता और गरीब तथा जरूरतमंद लोगों के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।उन्होंने कहा कि बिहार के 15 जिले, 88 प्रखंड, 575 ग्राम पंचायत, 2,642 गांव और 21 शहरों के 136 वार्ड बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। करीब 50 लाख लोग बाढ़ की स्थिति से प्रभावित हुए हैं, जबकि लगभग 55 हजार हेक्टेयर भूमि पर बाढ़ का असर पड़ा है। ऐसी परिस्थिति में राज्य सरकार द्वारा त्वरित राहत उपलब्ध कराना और सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में राशि भेजना पारदर्शी एवं प्रभावी व्यवस्था का उदाहरण है।भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि कोई भी पात्र प्रभावित परिवार सरकारी सहायता से वंचित नहीं रहना चाहिए। यदि कोई पात्र परिवार राहत सूची में शामिल होने से छूट गया है तो उसे एक सप्ताह के भीतर सूची में जोड़ा जाए। सरकार का यह निर्णय बताता है कि बाढ़ प्रभावित लोगों की पीड़ा को लेकर राज्य सरकार कितनी गंभीर और संवेदनशील है।
संजय सरावगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी बिहार में बाढ़ की स्थिति और इससे प्रभावित लोगों को लेकर लगातार चिंता कर रहे हैं। केंद्र सरकार बिहार की स्थिति पर नजर बनाए हुए है और राज्य सरकार को हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से बाढ़ की स्थिति को लेकर बातचीत कर आवश्यक जानकारी ली है। यह केंद्र सरकार की बिहार और यहां के बाढ़ प्रभावित लोगों के प्रति संवेदनशीलता को दर्शाता है।उन्होंने कहा कि बाढ़ से हुई क्षति का समुचित आकलन करने के लिए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में केंद्रीय टीम का बिहार दौरा भी महत्वपूर्ण है। केंद्रीय टीम प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेकर नुकसान का तथ्यपरक आकलन करेगी। इससे बाढ़ से हुए नुकसान के आधार पर आवश्यक सहायता और पुनर्प्राप्ति कार्यों को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयास से राहत और पुनर्वास कार्यों को और गति मिलेगी।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि राहत कार्यों के साथ-साथ पुनर्प्राप्ति और पुनर्निर्माण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने ‘ब्यूल्ड बैक बेटर देन बिफोर’ यानी पहले से बेहतर पुनर्निर्माण की थीम पर कार्य करने का निर्देश दिया है। इसका उद्देश्य केवल बाढ़ से हुई क्षति की भरपाई करना नहीं, बल्कि प्रभावित क्षेत्रों को पहले से अधिक मजबूत और बेहतर सुविधाओं से लैस करना है।उन्होंने कहा कि सामुदायिक रसोई, राहत शिविर, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों की सक्रियता तथा किसानों एवं प्रभावित परिवारों के लिए सहायता योजनाएं यह दर्शाती हैं कि एनडीए सरकार पूरी तत्परता के साथ राहत कार्यों में जुटी है। सरकार का लक्ष्य प्रभावित लोगों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के साथ ही उनके जीवन को जल्द से जल्द सामान्य करना है।संजय सरावगी ने राहत एवं पुनर्वास कार्यों में लगे प्रशासनिक अधिकारियों, आपदा प्रबंधन तंत्र, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ तथा सभी संबंधित कर्मियों की सराहना की।

