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असंगठित कामगारों के अधिकारों के लिए बिहार में बड़े आंदोलन चलाई जाएगी कांग्रेस:उदित राज

पटना:बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष राजेश राम एवं कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और असंगठित कामगार एवं कर्मचारी कांग्रेस (KKC) के राष्ट्रीय चेयरमैन डॉ उदित राज, पूर्व सांसद ने आज संयुक्त रूप से पार्टी कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया।इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष राजेश राम ने कहा कि नगर निगम से लेकर विभिन्न विभागों और संस्थानों में काम करने वाले लाखों कर्मचारी आज अनेक समस्याओं और चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। वेतन, रोजगार की सुरक्षा, सामाजिक सुरक्षा, सम्मानजनक कार्य-परिस्थितियों और श्रम अधिकारों से जुड़े सवाल लगातार हमारे सामने हैं। इन समस्याओं के समाधान के लिए कांग्रेस मजबूती से आवाज उठाती रही है और आगे भी उठाती रहेगी। ये कर्मचारी और श्रमिक दिन-रात मेहनत कर शहरों और समाज की व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने में अपनी भूमिका निभाते हैं। इसके बावजूद उन्हें कई बार अपने श्रम के अनुरूप उचित पारिश्रमिक, सामाजिक सुरक्षा और सम्मान नहीं मिल पाता है।प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि एससी-एसटी एवं अन्य वंचित वर्गों से आने वाले कामगारों की समस्याओं पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के श्रमिकों को उनके श्रम का उचित मूल्य, सम्मान और अधिकार मिलना चाहिए।उन्होंने कहा कि श्रमिक केवल काम करने वाला व्यक्ति नहीं है, बल्कि वह समाज और अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण आधारशिला है। इसलिए सरकार की जिम्मेदारी है कि कामगारों को उचित पारिश्रमिक दे।

 

इस अवसर पर पूर्व सांसद उदित राज ने कहा कि आज हमारे सामने सबसे बड़ा सवाल देश के मजदूरों और असंगठित क्षेत्र के कामगारों का है। मनरेगा के स्थान पर जो नई योजना लाई गई है, उसके संबंध में बड़ी-बड़ी बातें कही गई थीं। कहा गया था कि 100 दिन के बजाय 1250दिन का रोजगार दिया जाएगा। लेकिन मनरेगा और नई व्यवस्था में एक बुनियादी अंतर है—मनरेगा में रोजगार एक कानूनी अधिकार था, जबकि नई व्यवस्था में वह कानूनी अधिकार समाप्त हो गया है। बिहार जैसे राज्य में, जहाँ गरीबी और बेरोजगारी की समस्या गंभीर है, इसका सीधा असर मजदूरों पर पड़ेगा। रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं मिलने पर बिहार के मजदूरों को दक्षिण भारत, पंजाब और देश के अन्य हिस्सों में पलायन करना पड़ता है।

 

आज संविधान पर जिस प्रकार के हमले की बात सामने आ रही है, वह केवल कांग्रेस पार्टी का विषय नहीं है। आज देश में लोकतंत्र को कमजोर किया जा रहा है। संविधान कमजोर होगा तो देश के प्रत्येक नागरिक के अधिकार प्रभावित होंगे।इसीलिए संविधान की रक्षा करना हम सभी की जिम्मेदारी है।लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि विपक्ष की आवाज कमजोर होगी, तो आम नागरिकों के अधिकारों के लिए सवाल उठाने वाला मजबूत मंच कमजोर होगा। इसका प्रभाव केवल विपक्ष पर नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग पर पड़ता है।हमारे नेता राहुल गांधी जी लगातार युवाओं, छात्रों और आम लोगों के बीच जाकर उनकी समस्याओं को उठाने का प्रयास कर रहे हैं।बिहार ने लोकतंत्र और सामाजिक न्याय के लिए देश को कई महत्वपूर्ण आंदोलनों की दिशा दी है। इसलिए बिहार के कांग्रेस कार्यकर्ताओं को लोकतंत्र, संविधान और सामाजिक समानता की लड़ाई को और मजबूत करना होगा।

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