नालंदा:जलाशयों में तेजी से फैलने वाली जलकुंभी अब मछुआरा परिवारों की आर्थिक समृद्धि का आधार बनेगी। बिहार राज्य मत्स्यजीवी सहकारी संघ (कॉफ्फेड) ने जलकुंभी से हस्तशिल्प उत्पाद तैयार कर मछुआरा समुदाय, विशेषकर महिलाओं और ग्रामीण युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने की पहल की है। इसी उद्देश्य से शुक्रवार को नालंदा जिले के परवलपुर प्रखंड अंतर्गत हरप्रसाद बिगहा स्थित परवलपुर प्रखंड मत्स्यजीवी सहयोग समिति में जलकुंभी हस्तशिल्प प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन बिहार विधान परिषद के सदस्य एवं पूर्व मंत्री हरि सहनी ने किया।
कॉफ्फेड के महत्वाकांक्षी ‘वेस्ट टू वेल्थ’ यानी ‘अपशिष्ट से संपदा’ कार्यक्रम के तहत आयोजित इस प्रशिक्षण में जलकुंभी से उपयोगी और सजावटी वस्तुएं बनाने का हुनर सिखाया जाएगा। मुख्य वक्ता एवं प्रशिक्षक कॉफ्फेड के प्रबंध निदेशक ऋषिकेश कश्यप ने बताया कि जलकुंभी के रेशेदार डंठलों को सुखाकर और प्रसंस्कृत करके बैग, टोकरी, चटाई, टेबल मैट और सजावटी सामान तैयार किए जा सकते हैं। इसके पत्तों का उपयोग पशु चारे तथा जड़ों का खाद बनाने में भी किया जा सकता है।उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान जलकुंभी के चयन, डंठलों की सफाई, सुखाने, छंटाई, बुनाई और उत्पादों की फिनिशिंग की जानकारी दी जाएगी। अगले १५ दिनों तक चलने वाले इस प्रशिक्षण में कॉफ्फेड के सदस्यों को नि:शुल्क प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसका उद्देश्य स्थानीय स्तर पर उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग कर मछुआरा परिवारों के लिए आय के वैकल्पिक साधन विकसित करना है।
हरि सहनी ने कहा कि जलकुंभी लंबे समय से जलाशयों और मछुआरों की आजीविका के लिए गंभीर समस्या बनी हुई है। कॉफ्फेड की पहल से इसी समस्या को रोजगार के अवसर में बदला जा सकता है। उन्होंने कहा कि जिस जलकुंभी को अब तक समस्या माना जाता था, वही अब मछुआरों की आर्थिक समृद्धि का आधार बनेगी। उन्होंने इस कार्यक्रम को बिहार के अन्य जिलों में भी विस्तार देने की आवश्यकता जताई।जलकुंभी के अत्यधिक फैलाव से जलाशयों में सूर्य का प्रकाश पहुंचने में बाधा आती है। इससे जलीय पारिस्थितिकी तंत्र, मत्स्य पालन और नौका संचालन प्रभावित होते हैं। ऐसे में जलकुंभी को हटाकर उससे हस्तशिल्प उत्पाद तैयार करने से रोजगार सृजन के साथ जलाशयों के संरक्षण में भी मदद मिलेगी।
कार्यक्रम में कॉफ्फेड के निदेशक शिवनंदन प्रसाद और अरुण सहनी, परवलपुर प्रखंड मत्स्यजीवी सहयोग समिति के मंत्री राजकुमार केवट सहित प्रशिक्षक नीलमहब मंडल, बीना हाजरा और नंदिता बागड़ी ने भी विचार रखे। कार्यक्रम का संचालन कॉफ्फेड की निदेशक सिमरन ने किया। इस अवसर पर निर्यात प्रबंधक रवि राज, गोपी कुमार, जिला परिषद सदस्य उदयनंदन प्रसाद, राम प्रवेश बिंद, सूरज केवट, धर्मवीर सिंह सहित बड़ी संख्या में प्रशिक्षणार्थी उपस्थित थे।

