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23 प्रतिशत भारतीय युवा नहीं करना चाहते शादी,सर्वे में खुलासा,बेरोजगारी बनी वजह

Unmarried Youth In India: शादी एक ऐसा शब्द है जो हर कोई मर्द और औरत के जीवन में खुशियां लेकर आती है । हर एक युवा और युवती का सपना होता है कि वह पढ़ लिख कर बड़ा हो अच्छी से अच्छी नौकरी मिले और फिर शादी करके अपना जीवन सुख में गुजारे । शादी से किसी को इनकार नहीं हो सकता । यह दुनिया की रीत भी है और दस्तूर भी । लेकिन अगर आपको यह बताया जाए कि मौजूदा वक्त में युवाओं की एक बहुत बड़ी संख्या अविवाहित यानी गैर शादीशुदा है तो आपको आश्चर्य होगा और अगर बात यह बताई जाए के भारत जैसे विशाल देश में 23 प्रतिशत युवा शादी ही नहीं करना चाहते तो यह और आश्चर्यचकित करने वाला है । जी हां आपने सही सुना आपने सही पड़ा है । एक सर्वेक्षण के मुताबिक देश में बीते कुछ वर्षों में अविवाहित युवाओं की संख्या में इजाफा हुआ है. सरकार की ओर से कराए गए एक सर्वेक्षण में यह बात सामने आई है. सर्वेक्षण के आंकड़ों के मुताबिक देश में 15-29 वर्ष के आयु वर्ग के अविवाहित व्यक्तियों का अनुपात 2019 में बढ़कर 23 फीसदी हो गया जो 2011 में 17.2 फीसदी था. ये रिपोर्ट राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय ने जारी की है।राष्ट्रीय युवा नीति-2014 (National Youth Policy-2014) के अनुसार देश में 15 से 29 वर्ष की आयु के लोगों को युवा के रूप में बांटा गया है. राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (Office of National Statistics) की नवीनतम रिपोर्ट के मुताबिक, देश में ऐसे पुरुषों की आबादी 2011 में 20.8 फीसदी थी, जिन्होंने कभी शादी नहीं की थी. यह अनुपात 2019 में बढ़कर 26.1 फीसदी हो गया है. सर्वेक्षण (Survey) के मुताबिक कभी शादी नहीं करने वाली महिलाओं के अनुपात में भी इसी तरह की वृद्धि दर्ज की गयी है. सर्वेक्षण के मुताबिक, अविवाहित महिलाओं का अनुपात 2011 में 13.5 फीसदी था, जो 2019 में बढ़कर 19.9 फीसदी हो गया.

 

 

भारत में हर घंटे 27 हजार विवाह (Marriage) होते हैं, हर महीने 8 लाख से ज्यादा लोग शादी के बंधन में बंधते हैं और हर साल एक करोड़ लोग नए वैवाहिक जीवन की शुरुआत करते हैं. विवाह को परिवार का स्तंभ माना जाता है, लेकिन क्या अब ये स्तंभ दरकने लगा है? अमेरिका में हुई स्टडी तो इसी तरह इशारा करती है. तो क्या पूरी दुनिया में विवाह के प्रति लोगों का मोह भंग हो रहा है और क्या अब महिलाओं के मुकाबले ज्यादा पुरुष हमेशा के लिए अविवाहित रहना चाहते हैं?

 

 

ऐसे में यह भी जानना जरूरी है कि आखिर वह कौन से कारण है जिसकी वजह से युवाओं के इतनी बड़ी तादाद अपना दांपत्य जीवन व्यतीत करने से घबरा रहे हैं या यूं कहें कि शादी करना ही नहीं चाहते। खबर के आते हैं सोशल मीडिया पर इस पर प्रतिक्रिया देने वालों की बाढ़ सी आ गई। सभी लोग इस आंकड़े पर अपने अपने हिसाब से प्रतिक्रिया व्यक्त कर रहे हैं। यह दरअसल सच्चाई भी है क्योंकि यह प्रतिक्रिया है स्वाभाविक तौर पर देखने को मिल रही है। लोग बगैर लाग लपेट के युवाओं के शादी ना करने के आंकड़े पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त कर रहे हैं। ऐसे ही कुछ लोगों की प्रतिक्रियाएं सामने आई है जिसे आप खुद पढ़ें और इस बात का अंदाजा लगाएं के क्या वाकई लोगों ने जो प्रतिक्रिया दी है वह सही है या गलत। एक शख्स ने युवाओं की एक बड़ी तादाद के द्वारा शादी ना करने किए जाने पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए लिखा है कि बेरोजगारी ही सबसे बड़ा कारण है। आजकल लड़कियों के मां -बाप नौकरी वाले लड़का खोजते हैं।जिसको नौकरी लग जाती, उसके यहां लड़की वालों की लाइन लगी रहती है।वे मनचाहे लड़की का चयन कर शादी करते हैं। इसमें लड़का -लड़की दोनों के माता -पिता अपने गौरवान्वित महसूस करते हैं। इधर बेरोजगारी की मार झेल रहे लड़के को कोई पूछने वाला नहीं होता है। यही वर्तमान समय की हकीकत है। मीडिया हो या सरकार जो भी कहे लेकिन इस सच्चाई से मुंह मोड़ लेना बेमानी होगा। पढ़ें -लिखे बेरोजगार युवाओं की हालत धोबी के गदहे वाला है, जो न घर का न घाट है। घर से बाहर सभी उसे ताना देते हैं कि इतन पढ़कर भी कुछ नहीं हुआ। इतना नहीं उसे कितने ही नकारात्मक विशेषणों से नवाजा जाता है, जिससे वह तिलमिला कर डिप्रेशन में चला जाता है। खास कर वर्तमान सरकार में भैकेंसी आती नहीं, आती भी है तो उसे क्लियर नहीं किया जाता है।यह हकीकत भी है और अकाट्य सत्य भी। ऊपर से मिडिया वाले जले पर नमक छिड़क रहे हैं।
एक और व्यक्ति का कहना है कि अनमैरिड कोई नहीं रहना चाहता। आजकल हर शिक्षित युवा-युवतियां खुद के पैरों पर खड़े होकर ही घर बसाना चाहते हैं लेकिन उसमें बेरोजगारी सबसे बड़ा रोड़ा बन जाती है जिसे नजरअंदाज कर दोष पसंद को बताकर बरगलाने की कुचेष्टा करी जारही है।बेरोजगारी की समस्या धरती के भीतर ही सुलग रही है।ग्लोबलाइजेशनके बाद मशीनीकरण व डीजिटलाईजेशन की तीव्रता के कारण कुशल- अर्धकुशल,उच्च शिक्षित वसाक्षर हर क्षेत्र की बेरोजगारी बढ चुकी है जिसका उच्च स्तरीय संग्यान लिया जाना जरूरी है।

 

आपको लग रहा होगा कि शायद दुनिया भर के युवाओं की विवाह के प्रति सोच बदल गई है और उन्हें अब ये गैरजरूरी लगने लगा है, लेकिन ऐसा नहीं है. इसके पीछे इन युवाओं के आर्थिक हालात जिम्मेदार हैं. अमेरिका में हुआ सर्वे बताता है कि ज्यादातर वो पुरुष अविवाहित रहते हैं, जिनके पास कॉलेज डिग्री नहीं होती, जो छोटी मोटी नौकरियां करते हैं और जिनकी आर्थिक स्थिति ऐसी होती ही नहीं कि वो विवाह कर सकें.

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