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राजनीति

Caste Census :जाति गणना को लेकर पीएमओ देश का सबसे बड़ा गुनहगार:राजद

पटना:बिहार में कई अड़चनों के बीच संपन्न जाति आधारित गणना पर राजद का बड़ा बयान सामने आया है।बिहार में सत्तारूढ़ और विधानसभा में विधायकों के हिसाब से सबसे बड़ी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने जाति आधारित जन-गणना का लक्ष्य पहली बार खुलकर सामने लाया है। राजद के मुख्य प्रवक्ता मनोज झा ने रविवार को पटना में संवाददाता सम्मेलन कर साफ-साफ कहा कि मंडल कमीशन की रिपोर्ट के आधार पर जो आरक्षण मिलना चाहिए था, वह एक बंदिश के कारण नहीं मिल सका था। आर्थिक आधार पर आरक्षण (EWS) को लेकर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद बंदिश रूपी वह लक्ष्मणरेखा खत्म हो चुकी है। अब 1931 की उस जातीय जनगणना की जगह जाति आधारित सर्वे जरूरी है। इसी से पिछड़ी जातियों को उनका वास्तविक हक मिलेगा। आरक्षण का दायरा बढ़ाना ही होगा। उन्होंने कहा कि जाति आधारित जन-गणना पर सुप्रीम कोर्ट में पूर्व सॉलिसिटर जनरल मुकुल रोहतगी को प्रधानमंत्री कार्यालय ने इसे ही रोकने के लिए उतारा।

आरजेडी के राज्य सभा सांसद मनोज झा ने कहा कि जाति गणना को लेकर पीएमओ देश का सबसे बड़ा गुनहगार है। वह आरजेडी ऑफिस में आयोजित प्रेस कांफ्रेस में बोल रहे थे। इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह, श्याम रजक, वृषिण पटेल, शक्ति सिंह यादव, एजाज अहमद आदि कई नेता मौजूद रहे।

पीएम और अमित शाह के निर्देश पर यह सब
मनोज झा ने कहा कि जाति गणना के सवाल पर यूथ फॉर इक्विलिटी सुप्रीम कोर्ट जाती है और उससे पहले हाईकोर्ट के फैसले के बाद बीजेपी ऑफिस में मिठाईयां बांटी जाती है। सुप्रीम कोर्ट में मुकुल रोहतगी खड़े हो गए। उसके बाद सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता सामने आ गए। उन्होंने कहा कि पीएम और अमित शाह के निर्देश पर काम हो रहा। वे आग से खेल रहे हैं। दलितों और पिछड़ों के सवाल पर पीएम आरएसएस के चंगुल से मुक्त नहीं हो पाते हैं।

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