Nationalist Bharat
राजनीति

मजदूरों – गरीबों की वोटबंदी के खिलाफ चलेगा अभियान

पटना:मोदी – नीतीश सरकार में मजदूर वर्ग पर बढ़ते हमले, एसआईआर के जरिए मजदूरों-गरीबों की वोटबंदी, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प द्वारा भारत पर लगाए गए 50 प्रतिशत टैरिफ व जुर्माने आदि अन्य अन्य सवालों पर रविवार को असंगठित कामगार महासंघ (ऐक्टू) के राज्य कार्यकारिणी की एक दिवसीय बैठक, पटना के दरोगाराय पथ स्थित राज्य कार्यालय में हुई। बैठक में ऐक्टू के राज्य महासचिव आरएन ठाकुर, बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए।असंगठित कामगार महासंघ के राज्य महासचिव मुकेश मुक्त ने लिए गए निर्णयों की जानकारी देते हुए कहा कि अब ये सच्चाई सामने है कि एसआईआर का उद्देश्य बड़े पैमाने पर मजदूरों – गरीबों की वोटबंदी ही है। चुनाव आयोग और भाजपा को यह बताना चाहिए कि बिहार में कितने रोहिंग्या और बांग्लादेशी मिले? अगर नहीं तो फिर मीडिया के जरिए इस प्रकार का दुष्प्रचार क्यों फैलाया गया? असंगठित कामगार महासंघ, बड़ी संख्या में मजदूरों – गरीबों का नाम मतदाता सूची से हटाए जाने के खिलाफ पूरे राज्य में अभियान चलाएगा।

भारत के सम्प्रभुता की रक्षा व कॉर्पोरेट लूट को रोकने के लिए मजदूर वर्ग की एकजुटता बढ़ाने पर जोर देते हुए बैठक में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ व जुर्माना लगाने और रूस के साथ तेल व्यापार समझौते पर दंडात्मक कार्रवाई की हालिया धमकियों की कड़ी निंदा की। इसके खिलाफ केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और किसान संगठनों के देशव्यापी संयुक्त आह्वान पर 13 अगस्त को प्रतिवाद संगठित किया जाएगा। राज्य भर में होने वाले इस प्रतिवाद कार्यक्रमों में असंगठित मजदूरों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।व्यापक सदस्यता करते हुए असंगठित मजदूरों की मजदूरी एवं सामाजिक सुरक्षा के सवाल पर आंदोलन खड़ा किया जाएगा और जिलों का सम्मेलन आयोजित करते हुए अगले वर्ष – 2026 में असंगठित मजदूरों का राज्य सम्मेलन कराने की ओर बढ़ा जाएगा।

 

ऐक्टू के राज्य महासचिव आरएन ठाकुर ने बैठक को सम्बोधित करते हुए कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप की धमकी को दृढ़ता से खारिज करने के बजाय, केंद्र सरकार ने चुप्पी साध ली है, जिससे अमेरिका के पक्ष में भारत की रणनीतिक स्वायत्तता से समझौता करने की उसकी इच्छा का संकेत मिलता है। यह आत्मसमर्पण एक …और भी अधिक शोषणकारी भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का मार्ग प्रशस्त करता है, जो अमेरिकी कृषि व्यवसाय निगमों को भारत के डेयरी क्षेत्र और कृषि तक अप्रतिबंधित पहुंच प्रदान करेगा, जिसके परिणामस्वरूप कृषक समुदाय तबाह होंगे, देश की खाद्य सुरक्षा खतरे में पड़ेगी और बेरोज़गारी में बेतहाशा वृद्धि होगी।

बैठक की अध्यक्षता राज्य अध्यक्ष सुरेन्द्र प्रसाद सिंह ने की। राज्य महासचिव मुकेश मुक्त, राज्य सचिव पप्पू शर्मा व सुभाष कुमार, राज्य उपाध्यक्ष शिवशंकर प्रसाद और बालमुकुंद चौधरी, सिकंदर तांती, बच्चा बाबू, प्रभुदयाल सिंह, मो. इकबाल, हरी कुमार राय, विद्या कुमार आदि राज्य कार्यकारिणी सदस्य बैठक में मुख्य रुप से शामिल हुए।

बिहार के चुनावी समर में कूदने को एक और पार्टी तैयार

स्कूल छोड़कर घर के लिए सब्जी लाने चले गए मास्टर साहब,वीडियो कॉल में खुली पोल

Nationalist Bharat Bureau

सर्वश्रेष्ठ उदाहरण है कि…” : महाराष्ट्र के विपक्षी नेताओं की गिरफ़्तारी पर बोले शरद पवार

Nationalist Bharat Bureau

मोहम्मद जफर हसन ऑल इंडिया ओलमा बोर्ड बिहार के प्रदेश उपाध्यक्ष मनोनित

Nationalist Bharat Bureau

पहले कोर्ट फिर मंदिर में हुआ विवाह,लुटेरी दुल्हन अब आशिक के साथ फरार

Nationalist Bharat Bureau

फडणवीस खुद को ‘समंदर’ बताते थे गुजरात वालों ने ‘तालाब’ बनने को मजबूर कर दिया,सोशल मीडिया पर ट्रोल हुए देवेंद्र

Nationalist Bharat Bureau

अमित शाह का तीन दिवसीय बिहार दौरा: मिशन 2025 की रणनीति पर मंथन, भाजपा में नई ऊर्जा भरने की तैयारी

झामुमो का बिहार में राजद-कांग्रेस पर धोखे का आरोप, छह सीटों पर लड़ेगी विधानसभा चुनाव

जनतांत्रिक विकास पार्टी प्रदेश कार्यकारिणी का पुनर्गठन

विधानसभा में पुलिस की गुण्डागर्दी लोकतंत्र के इतिहास में काला दिन:माले

Leave a Comment