Nationalist Bharat
शिक्षा

NEET परीक्षा की व्यवस्था में बदलाव की योजना, छात्रों को मिल सकती है नई सुविधा

नई दिल्ली। राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) अब मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG की व्यवस्था में अहम बदलाव करने की योजना पर काम कर रही है। हर साल लाखों छात्र इस परीक्षा में शामिल होते हैं और अक्सर पेपर लीक, पारदर्शिता तथा तकनीकी खामियों जैसी शिकायतें सामने आती रही हैं। इन समस्याओं को दूर करने और परीक्षा प्रक्रिया को और अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने के लिए NTA नए विकल्पों पर विचार कर रही है।

क्या हो सकते हैं बदलाव?

सूत्रों के मुताबिक, एजेंसी यह विचार कर रही है कि परीक्षा को ऑनलाइन (कंप्यूटर आधारित टेस्ट) मोड में करवाया जाए। अभी तक NEET-UG पूरी तरह से ऑफलाइन पेन-पेपर मोड में आयोजित होती रही है। कंप्यूटर आधारित परीक्षा लागू होने से न केवल प्रश्नपत्र लीक होने की संभावना कम होगी, बल्कि परिणाम जारी करने की प्रक्रिया भी तेज़ और अधिक सटीक हो सकेगी। इसके साथ ही, परीक्षा को कई शिफ्टों में कराने का प्रस्ताव भी सामने आया है। अभी NEET एक ही दिन और एक ही शिफ्ट में आयोजित होती है, जिसके कारण कई बार छोटे तकनीकी मुद्दों या गड़बड़ियों से पूरे देशभर के छात्रों को परेशानी झेलनी पड़ती है। कई शिफ्टों में परीक्षा होने पर इन जोखिमों को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

छात्रों की राय और चुनौतियाँ

जहाँ एक ओर कुछ छात्रों और विशेषज्ञों का मानना है कि कंप्यूटर आधारित परीक्षा से व्यवस्था अधिक आधुनिक और सुरक्षित बनेगी, वहीं ग्रामीण व दूरदराज़ क्षेत्रों के छात्रों ने इसे चुनौतीपूर्ण बताया है। उनका कहना है कि गाँवों और छोटे कस्बों में कंप्यूटर व इंटरनेट की सुविधा सीमित है, जिससे उन छात्रों को कठिनाई हो सकती है जो डिजिटल माध्यमों से ज्यादा परिचित नहीं हैं।

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि अगर सरकार ऑनलाइन प्रणाली लागू करती है तो उसके लिए पहले डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना जरूरी है। इसके अलावा, परीक्षा केंद्रों की संख्या बढ़ाना, तकनीकी कर्मचारियों की नियुक्ति और सिस्टम बैकअप जैसी व्यवस्थाएँ सुनिश्चित करनी होंगी।केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने संकेत दिया है कि किसी भी बदलाव को लागू करने से पहले व्यापक मंथन और चर्चा की जाएगी। मंत्रालय का मानना है कि NEET जैसी परीक्षा, जिस पर लाखों छात्रों का भविष्य निर्भर है, उसमें किसी भी बड़े बदलाव को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाना चाहिए ताकि छात्रों को अचानक से किसी दबाव का सामना न करना पड़े।

पिछले कुछ वर्षों में NEET परीक्षा से जुड़े विवादों ने शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए हैं। हाल ही में कई राज्यों में प्रश्नपत्र लीक और परीक्षा में गड़बड़ियों की खबरें सामने आई थीं, जिससे छात्रों और अभिभावकों में असंतोष फैला। ऐसे में सरकार और एजेंसी पर यह दबाव है कि वे परीक्षा प्रक्रिया को और अधिक सुरक्षित व निष्पक्ष बनाएं।

NEET परीक्षा में बदलाव की यह योजना लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ी है। यदि NTA और शिक्षा मंत्रालय इसे लागू करने में सफल रहते हैं, तो यह भारतीय शिक्षा प्रणाली में एक बड़ा सुधार साबित हो सकता है। हालांकि, इसके लिए ग्रामीण और शहरी छात्रों के बीच डिजिटल अंतर को पाटना सबसे बड़ी चुनौती होगी। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट हो जाएगा कि बदलाव किस रूप में लागू होंगे और देशभर के मेडिकल अभ्यर्थियों को इसका क्या लाभ मिलेगा।

एलएनएमआई में “आगाज 2023″का भव्य उद्घाटन

वर्ल्ड हार्ट डे वॉकथॉन: 300 प्रतिभागी बने स्वास्थ्य संदेश के वाहक

Nationalist Bharat Bureau

Rupee vs Dollar : रुपया 85 के पार

Nationalist Bharat Bureau

Bihar STET Result : STET 2024 का रिजल्ट जारी, 2 लाख 97 हजार 747 हुए सफल

Nationalist Bharat Bureau

बाढ़ प्रभावित स्कूलों के शिक्षक आनलाइन हाजिरी से मुक्त

मुहम्मद जिक्रुल्लाह ने 11 साल की उम्र में हिफ्जे कुरआन मुकम्मल किया

Nationalist Bharat Bureau

मुस्लिम बुद्धिजीवियों के प्रतिनिधिमंडल की नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव से मुलाकात

बन्द होने के कगार पर पुरानी दिल्ली स्थित लाला हरदयाल पुस्तकालय

Nationalist Bharat Bureau

एलन मस्क और निचोड़ेंगे X यूजर की जेब!

Nationalist Bharat Bureau

सिर्फ बेटियां ही नहीं बेटे भी पराए होते हैं

Leave a Comment