पटना: बिहार के जाने-माने सांसद पप्पू यादव को इनकम टैक्स विभाग की ओर से नोटिस भेजा गया है, जिसमें यह पूछा गया है कि वे राहत कार्यों के दौरान खर्च की जाने वाली रकम कहाँ से लाते हैं। यह नोटिस उस समय आया है जब पप्पू यादव ने हाल ही में वैशाली जिले के नयागांव पूर्वी पंचायत के मनियारी गाँव में बाढ़ पीड़ितों के बीच जाकर राहत सामग्री और आर्थिक मदद प्रदान की थी। यह क्षेत्र उनके संसदीय क्षेत्र से बाहर है, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने वहाँ पहुँचकर लोगों की सहायता की।
पप्पू यादव और उनके समर्थकों ने इस कार्रवाई को “दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक” बताया है। उनके करीबी सहयोगी पिंटू यादव ने कहा कि, “यह नोटिस उस कार्य के लिए भेजा गया है जो हर जनप्रतिनिधि और संवेदनशील नागरिक का नैतिक कर्तव्य होना चाहिए — आपदा के समय जरूरतमंदों की मदद करना।” उन्होंने कहा कि पप्पू यादव का यह कदम राजनीति से प्रेरित नहीं, बल्कि पूरी तरह मानवता और करुणा से प्रेरित सेवा-भाव था।
समर्थकों का मानना है कि जनसेवा को संदेह की दृष्टि से देखना गलत है। उनका कहना है कि जो व्यक्ति बिना स्वार्थ के वंचितों की सहायता करता है, उसे प्रेरणा का स्रोत माना जाना चाहिए। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से आग्रह किया है कि ऐसे कार्यों की सराहना की जाए, न कि जांच का विषय बनाया जाए। पप्पू यादव ने हमेशा वंचित, असहाय और पीड़ित जनता के साथ खड़े होकर साबित किया है कि राजनीति का सर्वोच्च रूप जनसेवा ही है।

