बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में राज्य के महत्वाकांक्षी विकास कार्यक्रम ‘सात निश्चय पार्ट-3’ को मंजूरी दे दी गई है। इस फैसले के साथ ही सरकार ने अगले पांच वर्षों में बिहार को देश के सर्वाधिक विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल करने का लक्ष्य तय किया है। कैबिनेट की स्वीकृति के बाद रोजगार, उद्योग, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई बड़े निर्णय लिए गए हैं।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया के माध्यम से बताया कि सात निश्चय-3 का पहला लक्ष्य ‘दोगुना रोजगार-दोगुनी आय’ है। इसके तहत अगले पांच वर्षों में 1 करोड़ युवाओं के लिए नौकरी और रोजगार के अवसर सृजित करने का लक्ष्य रखा गया है। महिलाओं को स्वरोजगार के लिए 10 हजार रुपये की सहायता और आगे 2 लाख रुपये तक की आर्थिक मदद दी जाएगी। वहीं, जाति आधारित गणना में चिन्हित 94 लाख गरीब परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार योजनाओं से जोड़ा जाएगा।
सात निश्चय-3 के तहत उद्योग, कृषि, शिक्षा और स्वास्थ्य पर भी विशेष जोर दिया गया है। बिहार को पूर्वी भारत का टेक हब बनाने, 50 लाख करोड़ रुपये के निजी निवेश, बंद पड़ी चीनी मिलों को दोबारा शुरू करने, कृषि रोड मैप को गति देने और सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों के विकास की योजना बनाई गई है। इसके साथ ही नए एक्सप्रेस-वे, सोलर ऊर्जा, एजुकेशन सिटी, फिल्म सिटी और स्पोर्ट्स सिटी के निर्माण से राज्य के समग्र विकास को नई दिशा देने का दावा किया गया है।

