लोकसभा में विपक्ष के भारी हंगामे के बीच ‘विकसित भारत जी-राम-जी’ विधेयक पारित हो गया। विधेयक पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विपक्षी दलों, खासकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सरकार का जवाब सुने बिना सदन से बाहर जाना लोकतांत्रिक परंपराओं का उल्लंघन है और यह महात्मा गांधी के आदर्शों का अपमान है। हंगामे के बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कार्यवाही स्थगित कर दी।
कृषि मंत्री ने कहा कि विपक्ष का यह रवैया “हिंसा के समान” है। उन्होंने कहा कि अपनी बात कहकर जवाब न सुनना बापू के सिद्धांतों के खिलाफ है। शिवराज ने सरकार की ओर से जारी आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों में फंड का दुरुपयोग हुआ, जबकि मौजूदा सरकार ने विकास, किसानों और गरीबों के कल्याण को प्राथमिकता दी है। उन्होंने दोहराया कि यह विधेयक गांवों और ग्रामीण भारत के समग्र विकास के लिए लाया गया है।
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए शिवराज सिंह चौहान ने आरोप लगाया कि पार्टी ने महात्मा गांधी के बजाय नेहरू परिवार के महिमामंडन पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि दर्जनों योजनाएं, संस्थान, सड़कें और पुरस्कार एक ही परिवार के नाम पर रखे गए। प्रियंका गांधी की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि मोदी सरकार पर कोई सनक सवार नहीं है और सरकार देश के किसी भी राज्य के साथ भेदभाव नहीं करती—चाहे वह चेन्नई हो या गुवाहाटी।

