मोदी सरकार पर आम आदमी के रोजगार को खत्म करने की साजिश रचने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस ने बड़ा कदम उठाने के संकेत दिए हैं। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को लेकर कांग्रेस की शीर्ष नीति निर्धारक इकाई कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की अहम बैठक शनिवार को होने जा रही है। इस बैठक में सरकार के खिलाफ आंदोलन और राजनीतिक रणनीति पर मंथन किया जाएगा।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाद्रा, केसी वेणुगोपाल और जयराम रमेश समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, मनरेगा की जगह लाए गए ‘विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम’ को लेकर केंद्र सरकार को घेरने के लिए देशव्यापी कार्यक्रमों पर फैसला लिया जा सकता है।
कांग्रेस का आरोप है कि नए कानून के जरिए मनरेगा को खत्म कर दिया गया है और महात्मा गांधी का नाम हटाना राष्ट्रपिता का अपमान है। सोनिया गांधी ने पहले ही इसे किसानों, मजदूरों और ग्रामीण गरीबों के खिलाफ हमला बताया था। वहीं, राहुल गांधी ने कहा है कि यह कानून गांवों और राज्यों के खिलाफ है और इसे वापस लेने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर आंदोलन खड़ा किया जाएगा। कांग्रेस ने साफ किया है कि वह इस “काले कानून” के खिलाफ सड़क से संसद तक संघर्ष करेगी।

