बांग्लादेश की राजनीति में एक बड़े युग का अंत हो गया है। आम चुनाव से करीब डेढ़ माह पहले बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) की दिग्गज नेता खालिदा जिया के निधन को पार्टी के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है। अगले साल फरवरी में प्रस्तावित आम चुनाव से ठीक पहले उनका जाना BNP को भावनात्मक और संगठनात्मक दोनों स्तर पर प्रभावित कर सकता है। अब पार्टी की कमान उनके बेटे तारिक रहमान के हाथों में है, जो लंबे समय से लंदन में निर्वासन में रह रहे थे।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि खालिदा जिया के निधन के बाद BNP को सहानुभूति का लाभ मिल सकता है, जिसका सीधा असर चुनावी नतीजों पर पड़ सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि तारिक रहमान पार्टी को एकजुट रखने और स्पष्ट चुनावी रणनीति पेश करने में सफल रहते हैं, तो जिया समर्थकों का बड़ा वर्ग उनके साथ खड़ा हो सकता है। हालांकि, BNP के लिए यह भी जरूरी होगा कि वह पुराने समर्थकों को जोड़े रखे और जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करे।
दूसरी ओर, खालिदा जिया की अनुपस्थिति से पार्टी में नेतृत्व और संगठनात्मक अस्थिरता की आशंका भी जताई जा रही है। खालिदा जिया न केवल BNP की पहचान थीं, बल्कि उनकी लोकप्रियता पार्टी की सबसे बड़ी ताकत मानी जाती थी। ऐसे में तारिक रहमान के सामने सबसे बड़ी चुनौती उनकी राजनीतिक विरासत को संभालने और पार्टी को एक मजबूत विकल्प के रूप में पेश करने की होगी। आने वाला चुनाव यह तय करेगा कि BNP खालिदा जिया की विरासत को कितनी मजबूती से आगे बढ़ा पाती है।

