Supreme Court Bail: उच्चतम न्यायालय ने 27,000 करोड़ रुपये के कथित बैंक धोखाधड़ी से जुड़े धन शोधन मामले में एमटेक ग्रुप के पूर्व चेयरपर्सन अरविंद धाम को जमानत दे दी है। न्यायमूर्ति पी. एस. नरसिम्हा, न्यायमूर्ति संजय कुमार और न्यायमूर्ति आलोक आराधे की पीठ ने दिल्ली उच्च न्यायालय के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें धाम की जमानत याचिका खारिज कर दी गई थी।
फैसला सुनाते हुए न्यायमूर्ति आलोक आराधे ने कहा कि अदालत ने धाम की अपील स्वीकार कर ली है। इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने 19 अगस्त 2025 को यह कहते हुए जमानत से इनकार किया था कि समय से पहले रिहाई से जवाबदेही सुनिश्चित करने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इस मामले में एमटेक ऑटो लिमिटेड सहित समूह की कई कंपनियों और प्रवर्तकों के खिलाफ कार्रवाई की थी।
ईडी के अनुसार, एमटेक ग्रुप की कंपनियों को दिवालियापन प्रक्रिया से गुजारा गया, जिससे बैंकों को 80 प्रतिशत से अधिक का नुकसान हुआ। जांच एजेंसी ने अब तक 5,115 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियां जब्त की हैं, जिन्हें ‘‘अपराध की आय’’ बताया गया है। अरविंद धाम को जुलाई 2024 में गिरफ्तार किया गया था और सितंबर 2024 में उनके खिलाफ पीएमएलए के तहत आरोपपत्र दाखिल किया गया था।

