सिवान जिले में पेट्रोल-डीजल के फर्जी, बढ़े-चढ़े और काल्पनिक बिलों पर अब पूरी तरह नकेल कसने की तैयारी हो गई है। जिला दंडाधिकारी विवेक रंजन मैत्रेय ने इस संबंध में कड़ा आदेश जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि सरकारी धन की बर्बादी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अब बिना सत्यापन के कोई भी पेट्रोल या डीजल का बिल पास नहीं होगा।
डीएम के निर्देश के अनुसार अब सभी सरकारी वाहनों के ईंधन बिल का लॉगबुक, GPS डेटा और ओडोमीटर रीडिंग से मिलान अनिवार्य होगा। नकद पर्ची या हाथ से लिखे गए बिल पूरी तरह अमान्य कर दिए गए हैं। वहीं, सभी पेट्रोल पंप संचालकों को केवल कंप्यूटर जनरेटेड बिल जारी करने का निर्देश दिया गया है, जिसमें वाहन नंबर, ईंधन की मात्रा, दर, तारीख और समय का स्पष्ट उल्लेख होना जरूरी होगा।
प्रशासन ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि किसी स्तर पर मिलीभगत, लापरवाही या अनियमितता पाई गई तो संबंधित कर्मचारियों पर विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ आपराधिक मुकदमा भी दर्ज किया जा सकता है। नगर निकायों के सभी वाहनों में GPS लगाना अनिवार्य किया गया है और असामान्य ईंधन खपत पाए जाने पर लिखित स्पष्टीकरण देना होगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले पेट्रोल पंपों का लाइसेंस निलंबित या रद्द किया जा सकता है।

