शेयर बाजार ने वर्ष 2025 में तमाम वैश्विक और घरेलू चुनौतियों के बावजूद निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया है। विदेशी निवेशकों की लगातार निकासी, शुल्क से जुड़ी अनिश्चितताएं, ऊंचे मूल्यांकन और रुपये की कमजोरी के बीच भी भारतीय शेयर बाजार मजबूती से आगे बढ़ा। बीएसई का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स इस साल आठ प्रतिशत से अधिक चढ़ा, जिससे दलाल स्ट्रीट के निवेशकों की संपत्ति में भारी इजाफा देखने को मिला।
बीएसई के आंकड़ों के मुताबिक, सेंसेक्स में आई इस तेजी के चलते निवेशकों की कुल संपत्ति करीब 30.20 लाख करोड़ रुपये बढ़ गई है। मजबूत घरेलू निवेश, खुदरा निवेशकों की भागीदारी और चुनिंदा सेक्टर्स में खरीदारी ने बाजार को सहारा दिया। बैंकिंग, आईटी और कैपिटल गुड्स शेयरों में आई मजबूती ने सूचकांक को ऊंचाई तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूत बुनियाद और लंबी अवधि के निवेशकों का भरोसा बाजार के लिए सकारात्मक संकेत है। हालांकि आने वाले समय में विदेशी पूंजी प्रवाह, रुपये की चाल और वैश्विक ब्याज दरों पर बाजार की नजर बनी रहेगी, लेकिन 2025 में शेयर बाजार की यह तेजी निवेशकों के भरोसे को मजबूत करती नजर आ रही है।

