बिहार विधानमंडल का सत्र सोमवार से औपचारिक रूप से शुरू हो गया, और सुबह से ही विधानसभा परिसर में राजनीतिक हलचल तेज़ रही। मंत्रियों के शपथ ग्रहण के दौरान सदन में जहां सत्ता और विपक्ष के बीच सियासी तेवर दिखे, वहीं एक सौहार्दपूर्ण क्षण ने सबका ध्यान खींच लिया। कृषि मंत्री रामकृपाल यादव के शपथ लेते ही नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव उनकी सीट तक पहुंचे और उन्हें गले लगाकर बधाई दी। यह दृश्य शपथ ग्रहण की प्रक्रिया में शिष्टाचार और राजनीतिक परिपक्वता की मिसाल बन गया।
शपथ ग्रहण की शुरुआत उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से हुई, जिसके बाद विजय सिन्हा ने पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। पूरी प्रक्रिया वरीयता क्रम के अनुसार विधानसभा सचिव द्वारा संचालित की गई। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी सदन में मौजूद रहे और शपथ प्रक्रिया पर नज़र बनाए रखी। इस बीच प्रोटेम स्पीकर नरेंद्र नारायण यादव ने सदन को संबोधित किया। एक तरफ शपथ की औपचारिकताएँ चल रही थीं, तो दूसरी तरफ तेजस्वी यादव के सदन में आगमन पर महागठबंधन के विधायकों में उत्साह देखा गया।
हालांकि तेजस्वी यादव ने चुनाव नतीजों के बाद से मीडिया से दूरी बनाए रखी है और आज भी उन्होंने किसी बयान से परहेज किया। उनकी यह चुप्पी कई सियासी संदेश देती हुई नज़र आई। कुल मिलाकर विधानसभा के पहले दिन शपथ प्रक्रिया, राजनीतिक शिष्टाचार और विपक्ष की खामोशी—तीनों ने मिलकर एक बिल्कुल अलग राजनीतिक तस्वीर पेश की, जिसने माहौल को गरमाहट और सौहार्द दोनों से भर दिया।

