Banda News: उत्तर प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण (UP SIR) के बाद बांदा जिले में जारी की गई मतदाता ड्राफ्ट सूची अब विवादों में घिर गई है। सूची में ऐसी गंभीर त्रुटियां सामने आई हैं, जिनसे आम नागरिक परेशान हैं। कई मकानों में ऐसे मतदाताओं के नाम दर्ज कर दिए गए हैं, जिनका उस घर या परिवार से कोई लेना-देना नहीं है। हालात ऐसे हैं कि लोग इसे “मान न मान, मैं तेरा मेहमान” जैसी स्थिति बता रहे हैं।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि कई जगह हिंदू और मुस्लिम मतदाताओं के पते आपस में बदल गए हैं। भाग संख्या-105 में मुस्लिम महिला सईदा के मकान में राजेश कुमार का नाम दर्ज मिला, जबकि नूरजहां के घर सुधा पत्नी अमरनाथ का वोट जुड़ा हुआ है। इसी तरह एक हिंदू महिला पूनम के घर मुस्लिम मतदाता हुस्ने आलम का नाम पाया गया। भाग संख्या-124 में गौसिया के घर कुल 12 मतदाता दर्ज हैं, जिनमें छह हिंदू और छह मुस्लिम नाम एक ही पते पर शामिल हैं, जिससे भ्रम और असंतोष बढ़ गया है।
मर्दन नाका (पूर्वी) के भाग संख्या-124 में निजामुद्दीन के मकान में आठ ऐसे मतदाता दर्ज मिले, जिनके बारे में गृहस्वामी को कोई जानकारी नहीं है। उधर, एसआईआर अभियान के तहत जिले से करीब 1.75 हजार मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। अनंतिम सूची के अनुसार अब बांदा में कुल 11,74,100 मतदाता रह गए हैं। प्रशासन का कहना है कि जो भी त्रुटियां सामने आएंगी, उन्हें विशेष अभियान के तहत बूथ स्तर पर बीएलओ के माध्यम से ठीक कराया जाएगा। फिलहाल मतदाता सूची की इन गड़बड़ियों ने चुनावी प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

